छत्तीसगढ़ के कोरबा में लगभग 40 साल पुराना 10 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात चोरी, पांच लोग गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा में लगभग 40 साल पुराना 10 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात चोरी, पांच लोग गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा में लगभग 40 साल पुराना 10 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात चोरी, पांच लोग गिरफ्तार
Modified Date: January 24, 2026 / 01:26 pm IST
Published Date: January 24, 2026 1:26 pm IST

कोरबा, 24 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में नहर पर बना लगभग 40 वर्ष पुराना 10 टन वजनी एक छोटा लोहे का पुल रातों-रात चोरी हो गया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला है कि इस घटना में 15 लोग शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर गैस कटर से पुल को काटकर चुरा लिया और उसे कबाड़ में बेच दिया।

उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

कोरबा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि 18 जनवरी की सुबह लोगों ने देखा कि ढोढीपारा इलाके में नहर पार करने के लिए बना लोहे का पुल गायब है। इसके बाद लोगों ने वार्ड के पार्षद लक्ष्मण श्रीवास को इसकी जानकारी दी।

पटले ने बताया कि पार्षद द्वारा सूचना दिए जाने के बाद सीएसईबी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर मामले की जांच के लिए एक पुलिस दल का गठन किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपियों ने पुल को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया और इस चोरी में शामिल 15 आरोपियों की पहचान की गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इनमें से स्थानीय निवासी लोचन केवट (20), जयसिंह राजपूत (23), मोती प्रजापति (27), सुमित साहू (19) और केशवपुरी गोस्वामी उर्फ ‘पिक्चर’ (22) को गिरफ्तार कर लिया गाय है।

उन्होंने कहा पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुल चोरी करने की बात स्वीकार की है।

अधिकारी ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी मुकेश साहू और असलम खान समेत 10 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

सीएसईबी पुलिस चौकी प्रभारी भीमसेन यादव ने बताया कि पुलिस ने चोरी के बाद नहर के अंदर छिपाया गया लगभग सात टन लोहा जब्त कर लिया है। साथ ही चोरी का लोहा ले जाने में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी जब्त की गई है।

उन्होंने बताया कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शेष चोरी का सामान कहां बेचा गया है।

वहीं, वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि लगभग 70 फुट लंबा और पांच फुट चौड़ा 10 टन वजनी यह पुल करीब 40 वर्ष पहले बनाया गया था।

उन्होंने बताया कि पुल चोरी होने के बाद से स्थानीय लोग नहर पार करने के लिए पास के कंक्रीट पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

भाषा सं संजीव नेत्रपाल खारी

खारी


लेखक के बारे में

******** Bottom Sticky *******