2023 में भाजपा जीती छत्तीसगढ़ तो कौन बनेगा मुख्यमंत्री, देखिए वे चेहरे जो हैं चर्चा में

Edited By: , May 24, 2022 / 11:24 AM IST

बरुण सखाजी/सौरभ परिहार

छत्तीसगढ़ भाजपा ने फिलहाल किसी सीएम फेस के साथ चुनाव में जाने से तौबा कर रखा है। साल 2023 के विधानसभा चुनावों के लिए  की जा रही भाजपा की तैयारियों में यह दिखने भी लगा है। राज्य में मतदाता समीकरणों को देखें तो राज्य में 39 सीटें आरक्षित हैं। इनमें सबसे ज्यादा 29 सीटें एसटी के लिए हैं। भाजपा ने बीते दिनों साफ कर दिया है कि चुनाव से पहले उसका कोई चेहरा मुख्यमंत्री के रूप में पेश नहीं किया जाएगा। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि अगर भाजपा की सरकार आई तो मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा। भाजपा इसके लिए क्या फॉर्मूला बना सकती है। आईबीसी-24 आपको बता रहा है उन चेहरों के बारे में जिन पर भाजपा चुनाव के बाद दांव खेल सकती है।

 

टटोल रहे कार्यकर्ताओं का मन

 

इसके लिए भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश कई जिलों और संभागों का दौरा कर लगातार लोगों के मन को टटोल रहे हैं। पूरे प्रदेशभर में कोई एक ऐसा चेहरा नहीं निकल रहा जिस पर सब एकराय हों। न तो पार्टी के कार्यकर्ताओं में यह एक राय है न पार्टी पदाधिकारियों में। जनता की तरफ से भी कोई राज्य स्तर का इकलौता चेहरा नहीं दिखता।

 

ओबीसी, एसटी सबसे ज्यादा

 

छत्तीसगढ़ में एसटी एससी और ओबीसी वर्ग की जनसंख्या ज्यादा है। लेकिन भाजपा में फिलहाल के सारे बड़े चेहरे सामान्य वर्ग से आते हैं। छत्तीसगढ़ भाजपा के सभी कद्दावर नेताओं का भी कहना है कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा और चेहरे को लेकर विधायक दल की बैठक और केंद्रीय आलाकमान निर्णय लेता है। भाजपा के कई नेताओं की सक्रियता को देखकर स्पष्ट है कि ये पिछले कुछ समय से लगातार मीडिया, जनता और संगठन से मिलकर काम कर रहे हैं।

 

ये हो सकते हैं भाजपा के सीएम के चेहरे

 

सामान्य वर्ग से 4 चेहरे

 

सामान्य वर्ग से आने वाले नेताओं में सबसे पहला  चेहरा सामान्य वर्ग से डॉ. रमन सिंह का आता है। वे 15 सालों तक प्रदेश की कमान संभाल चुके हैं। ऊपर उनकी ट्यूनिंग ठीक है। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का दूसरा चेहरा बृजमोहन अग्रवाल का हो सकता है। वे चुनावी रणनीति बनाने और उसे अनुपालित कराने में पारंगत हैं। सामान्य वर्ग से तीसरे चेहरे के रूप में राजनांदगांव के संतोष पांडे हैं। युवा होने के नाते वे इस रेस में बताए जाते हैं।  2019 के चुनावों में संतोष पांडे ऐसे दूसरे भाजपा सांसद हैं, जिन्होंने सर्वाधिक मतों से जीत हासिल की है। उनकी संगठन में पैठ भी बढ़ी है। सामान्य वर्ग से आने वाली भाजपा नेता सरोज पांडे भी इसमें आगे हैं। वे पुरानी नेता हैं। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हैं। राज्यसभा सदस्य हैं। उन्हें भी तेजतर्रार नेता माना जाता है।

 

ओबीसी से 4 चेहरे

 

अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले भाजपा नेताओं में मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आगे बिलासपुर सांसद अरुण साव हैं। वे संसद में काफी सक्रिय दिखाई दिए हैं। साथ ही संगठन की विभिन्न् इकाइयों में भी उन्हें तवज्जो मिल रही है। इस रेस में पूर्व नौकरशाह ओपी चौधरी भी शामिल है। वे पार्टी में साल 2018 में ही आए हैं। वर्तमान नेता प्रतिपक्ष ओबीसी चेहरों में से एक नाम हैं जिन्हें भाजपा सीएम बना सकती है। कौशिक भी बड़े कुर्मी नेताओं में शामिल हैं। अभी वे एलओपी हैं। ओबीसी चेहरों में दुर्ग सांसद विजय बघेल भी हैं। विजय बघेल साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों से जीत दर्ज कराने वाले सांसद हैं। साथ ही कुर्मी जाति से आते हैं, जो भूपेश बघेल के सामने मजबूती से खड़े दिखाई दे सकते हैं। विजय बघेल 2008 में भूपेश बघेल को विधानसभा में चुनाव हरा चुके हैं।

 

एसटी वर्ग से 3 चेहरे

 

इस वर्ग में भाजपा के पास सबसे बड़ा चेहरा केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह हैं। उनकी तेजतर्रार छवि और मजबूती से सरगुजा क्षेत्र में काम इसमें सहायक हो रहा है। उनके अलावा  वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय भी शामिल हैैं। तीसरे नंबर रामविचार नेताम का नाम आता है। पार्टी इस वर्ग में किसी दूसरे राज्य में काम कर रहे किसी छत्तीसगढ़ी नौकरशाह को भी ला सकती है। साथ ही अन्य नौजवान चेहरे की तलाश भी जारी है। इस रेस में नंदकुमार साय सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है। वे 2003 में भी चूक गए थे। लेकिन अब उनकी मोदी से नजदीकी उन्हें फायदा पहुंचा सकती है।

 

एससी वर्ग में ये 2 नाम

 

भाजपा के पास अनुसूचित जाति वर्ग से अधिक विकल्प नहीं हैं। लेकिन पार्टी कृष्णमूर्ति बांधी और नवीन मर्कंडेय जैसे चेहरों को ग्रूम कर सकती है। बांधी पहले स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। ग्रामीण विषयों की अच्छी जानकारी है। नवीन नौजवान नेताओं में शुमार हैं। वे आरंग से आते हैं। सनम जांगड़े जैसे नेता भी भाजपा के पास हैं।