छत्तीसगढ़: रायपुर हवाई अड्डे के करीब चलाया गया अतिक्रमण रोधी अभियान, 77 मकान तोड़े गए
छत्तीसगढ़: रायपुर हवाई अड्डे के करीब चलाया गया अतिक्रमण रोधी अभियान, 77 मकान तोड़े गए
रायपुर, 29 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हवाई अड्डे के निकट स्थित सम्मानपुर (नकटी) गांव में सरकारी जमीन पर कथित रूप से कब्जा कर बनाए गए 77 मकानों को सोमवार को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया और दावा किया कि ध्वस्त किए गए कई मकान प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत बनाए गए थे।
राजस्व विभाग, पुलिस और रायपुर नगर निगम की संयुक्त टीम ने धरसींवा विकासखंड के इस गांव में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अभियान के दौरान लगभग नौ हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जिस पर लंबे समय से कथित रूप से कब्जा था।
प्रशासन ने बताया कि संबंधित लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे और ध्वस्तीकरण से पूर्व अंतिम नोटिस भी दिया गया था।
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-30 में आवास की व्यवस्था की गई है और वहां भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, एम्बुलेंस व चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
प्रशासन ने बताया कि लोगों के सामान के परिवहन और पुनर्वास स्थल तक पहुंचाने के लिए वाहनों और बसों की भी व्यवस्था की गई थी।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
महिलाओं सहित स्थानीय लोगों ने बुलडोजर के सामने खड़े होकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की जबकि कुछ स्थानों पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।
कुछ प्रदर्शनकारियों पर पथराव करने का आरोप भी लगाया गया।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि पर लोगों का कब्जा था और उन्हें पहले ही जमीन खाली करने के निर्देश दिए जा चुके थे।
हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि यह भूमि उनके पूर्वजों की है, जिसे राजस्व अभिलेखों में ‘शामिलात चरागाह’ के रूप में दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि ध्वस्त किए गए मकानों में से लगभग 30 प्रधानमंत्री आवास योजना और दो मकान इंदिरा आवास योजना के तहत बनाए गए थे।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि वे कई पीढ़ियों से इस भूमि पर रह रहे हैं और सरकार ने यहां बिजली, पानी तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई थीं। धरसींवा से भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि किसी भी जरूरतमंद परिवार के साथ अन्याय नहीं किया गया है और सभी विस्थापित परिवारों का पुनर्वास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जाएगी कि सरकारी योजनाओं के तहत अतिक्रमित भूमि पर मकानों का निर्माण कैसे हुआ।
तहसीलदार न्यायालय ने पिछले वर्ष अप्रैल में संबंधित भूमि से बेदखली का आदेश जारी किया था, जिसके बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
भाषा संजीव जितेंद्र
जितेंद्र

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