किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है सहकारिता: मुख्यमंत्री साय

किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है सहकारिता: मुख्यमंत्री साय

किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है सहकारिता: मुख्यमंत्री साय
Modified Date: July 3, 2026 / 07:04 pm IST
Published Date: July 3, 2026 7:04 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

रायपुर, तीन जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार छत्तीसगढ़ में सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन और सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय का गठन को देश के विकास की दिशा में एक ‘ऐतिहासिक निर्णय’ बताते हुए कहा कि इससे ‘सहकार से समृद्धि’ का संकल्प साकार होगा।

उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार छत्तीसगढ़ में सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

अधिकारियों ने बताया कि साय ने इस अवसर पर उत्कृष्ट समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार प्रदान किया तथा संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण की शुरूआत की।

साय ने कहा, ‘‘मैं किसान का बेटा हूं और बचपन से ही सहकारिता से मेरा गहरा रिश्ता रहा है। तभी से मुझे विश्वास था कि सहकारिता के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘सहकार से समृद्धि’ का वही सपना धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रथम कार्यकाल में उन्हें राज्यमंत्री के रूप में साथ काम करने का अवसर मिला और उन्होंने किसानों के प्रति प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता तथा समर्पण को बहुत करीब से देखा है।

उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण के प्रति इसी प्रतिबद्धता के कारण प्रधानमंत्री ने कृषि मंत्रालय का दायरा बढ़ाते हुए उसका नाम ‘कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय’ किया, ताकि किसानों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता बने।

उन्होंने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है क्योंकि इसका लाभ सीधे किसानों एवं ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार केवल कृषि ही नहीं बल्कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत कर रही है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव दिखाई देने लगे हैं तथा राज्य सरकार पशुपालन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

भाषा संजीव राजकुमार

राजकुमार


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