शह मात The Big Debate: नशे की खेती पर बवाल, अफीम पर विपक्ष के सवाल, प्रदेश में एक बार फिर गरमाई सियासत—क्या अंतरराज्यीय गिरोह के चंगुल में राज्य के किसान?

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छत्तीसगढ़ में दुर्ग के बाद अब बलरामपुर जिले में भी अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। करीब दो एकड़ जमीन पर उगाई जा रही फसल को लेकर पुलिस और नारकोटिक्स विभाग जांच में जुटे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार पूरे प्रदेश में जांच कराने की बात कह रही है।

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 12:14 AM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 12:14 AM IST

शह मात The Big Debate / Image source : file

HIGHLIGHTS
  • दुर्ग के बाद बलरामपुर के कुसमी इलाके में 2 एकड़ में अफीम की खेती का खुलासा।
  • जमीन लीज पर लेकर झारखंड के व्यक्ति द्वारा खेती करने की जानकारी।
  • विपक्ष ने इसे पुलिस, इंटेलिजेंस और प्रशासन की बड़ी नाकामी बताया।

रायपुर: धान का कटोरा कहलाने वाले प्रदेश में आखिर कौन अफीम की खेती कर रहा है? दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम के खेत मिलने से मामला गरमा गया है। एक तरफ पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की जांच चल रही है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। दूसरी ओर विपक्ष इन अफीम के खेतों को लेकर सीधे-सीधे पुलिस, इंटेलिजेंस और सरकार की नाकामी बता रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि किसी भी मामले को न तो छिपाया जा रहा है और न ही दबाया जा रहा है, बल्कि कार्रवाई की जा रही है। अब सरकार ने हर जिले में इस मामले की जांच के आदेश भी दे दिए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि विपक्ष के आरोपों में दम है या सरकार के दावों में?

इलाके के सरपंच ने जनवरी में ही पुलिस को दी थी सूचना

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर जिले में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया है। जिले के कुसमी क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में करीब दो एकड़ जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी। बताया जा रहा है कि झारखंड का एक व्यक्ति जमीन लीज पर लेकर यह खेती कर रहा था। फिलहाल एफएसएल और नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम फसल की जांच कर रही है। इस मामले में जमीन मालिक समेत एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि इलाके के सरपंच ने जनवरी में ही पुलिस को इसकी सूचना दी थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दुर्ग मामले के सदन में गूंजने के बाद यहां की तस्वीर भी वायरल हो गई है।

विपक्ष का वार

इस मुद्दे पर विपक्ष भी हमलावर हो गया है। पूर्व विधायक प्रीतम राम की अध्यक्षता में कांग्रेस की 10 सदस्यीय कमेटी ने मौके पर पहुंचकर खेत का मुआयना किया। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने आरोप लगाया है कि यह पुलिस, इंटेलिजेंस और राजस्व विभाग की बड़ी नाकामी है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाद अन्य कांग्रेस विधायकों ने भी दुर्ग मामले में आरोपी बीजेपी नेता को बचाने का आरोप लगाया है।

” भूपेश बघेल झूठ फैला रहे हैं “

इधर गृहमंत्री ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भूपेश बघेल झूठ फैला रहे हैं और अपने कार्यकर्ताओं को भी गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब प्रदेश के सभी जिलों में अफीम की खेती को लेकर सघन जांच कराई जा रही है।विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस अपनी जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर 17 मार्च को विधानसभा घेराव करने की तैयारी में है।

क्या धान के कटोरे में पड़ चुकी है अफीम नेक्सस की नजर?

दुर्ग मामले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जानकारी मिली है कि आरोपी बीजेपी नेता ने यूट्यूब पर अफीम की खेती सीखकर यह काम शुरू किया था, जबकि एक अन्य आरोपी विकास विश्नोई का पहले राजस्थान में अफीम बेचने का रिकॉर्ड भी सामने आया है।कुल मिलाकर सवाल यह है कि क्या सचमुच धान के कटोरे कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ पर अब अफीम नेक्सस की नजर पड़ चुकी है? आखिर कब से चल रहा था यह खेल और प्रदेश में कहां-कहां इसके बाकी खेत छिपे हुए हैं?

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छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का मामला कहाँ सामने आया है?

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में करीब दो एकड़ जमीन पर अफीम की खेती मिलने का मामला सामने आया है।

इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?

पुलिस ने जमीन मालिक समेत एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और एफएसएल व नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम फसल की जांच कर रही है।

सरकार और विपक्ष का इस मुद्दे पर क्या कहना है?

विपक्ष इसे पुलिस और प्रशासन की नाकामी बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि मामले को छिपाया नहीं जा रहा और पूरे प्रदेश में जांच के आदेश दिए गए हैं।