भारत के करीब 20 प्रतिशत भूजल में आर्सेनिक जहरीले स्तर पर :अध्ययन

भारत के करीब 20 प्रतिशत भूजल में आर्सेनिक जहरीले स्तर पर :अध्ययन

भारत के करीब 20 प्रतिशत भूजल में आर्सेनिक जहरीले स्तर पर :अध्ययन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:53 pm IST
Published Date: February 11, 2021 12:25 pm IST

(शकूर राठेर)

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) आईआईटी खड़गपुर के एक नये अध्ययन में दावा किया गया है कि भारत के कुल भू-भाग के करीब 20 प्रतिशत में आर्सेनिक का स्तर जहरीला है और देश की 25 करोड़ से अधिक आबादी इस खतरे का सामना कर रही है।

अध्ययन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अधारित अनुमान प्रणाली का उपयोग किया गया।

यह अध्ययन सांइस ऑफ द टोटल इनवायरोन्मेंट जर्नल में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन के नतीजों से यह संकेत मिलता है कि पूरे देश में आर्सेनिक के स्तर के नमूने एकत्र करने के लिए कहीं अधिक जोरशोर से प्रयास करने की जरूरत है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक आर्सेनिक एक बहुत ही जहरीला तत्व है जिसके लंबे समय तक पेयजल और भोजन में मौजूदगी से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है।

मौजूद अध्ययन में इस बात का जिक्र किया गया है कि आर्सेनिक की अधिक मात्रा वाले इन इलाकों में मुख्य रूप से सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी के मैदानी क्षेत्र और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्र शामिल हैं।

अध्ययन में कहा गया है कि भूजल में अत्यधिक आर्सेनिक की मात्रा वाले राज्यों में पंजाब (92 प्रतिशत), बिहार (70 प्रतिशत), पश्चिम बंगाल (69 प्रतिशत), असम (48 प्रतिशत) हरियाणा (43 प्रतिशत), उत्तर प्रदेश (28 प्रतिशत) और गुजरात (24 प्रतिशत) शामिल हैं।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर (पश्चिम बंगाल) में एसोसिएट प्रोफेसर अभिजीत मुखर्जी ने कहा, ‘‘भारत में भूजल में अधिक आर्सेनिक की मात्रा की चपेट में 25 करोड़ से अधिक आबादी के आने का अनुमान है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में आर्सेनिक के वितरण के बारे में हमारा अध्ययन कहीं अधिक विस्तार से जानकारी प्रदान करता है। ’’

अध्ययन दल में शामिल विशेषज्ञों ने कहा कि उन्होंने सरकार के जल जीवन मिशन के 27 लाख क्षेत्र मापन का उपयोग किया, जिससे इस अभियान के तहत लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि भारत में कुल पेयजल में भूजल की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत है।

भाषा

सुभाष नरेश

नरेश


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