वायुमंडल एवं जलवायु अनुसंधान मॉडलिंग, सेवा संबंधी ‘एक्रॉस’ योजना को पांच वर्ष बढ़ाने की मंजूरी

वायुमंडल एवं जलवायु अनुसंधान मॉडलिंग, सेवा संबंधी ‘एक्रॉस’ योजना को पांच वर्ष बढ़ाने की मंजूरी

Edited By: , November 24, 2021 / 06:03 PM IST

नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वायुमंडल और जलवायु अनुसंधान-मॉडलिंग प्रेक्षण प्रणाली एवं सेवाएं (एक्रॉस) योजना को अगले पांच साल यानी 2021 से 2026 के वित्तीय चक्र तक जारी रखने को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी ।

सरकारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने ‘‘एटमॉस्फियर एंड क्लाइमेट रिसर्च – मॉडलिंग ऑब्जर्विंग सिस्टम एंड सर्विंस ’’ (एसीआरओएसएए) योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी । इसमें कहा गया हे कि एक्रॉस और इसकी आठ उप-योजनाओं पर पांच वर्षों के वित्तीय चक्र के दौरान 2,135 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी ।

बयान के अनुसार, यह योजना पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) , राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ), भारतीय ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) जैसी इकाइयों के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है।

इसके तहत आईएमडी द्वारा पोलरमीट्रिक डॉपलर मौसम रडार (डीडब्ल्यूआर) की शुरुआत, पूर्वानुमान प्रणाली का उन्नयन, मौसम एवं जलवायु से जुड़ी सेवाएं तथा वायुमंडलीय प्रेक्षण नेटवर्क संबंधी कार्य किये जाते हैं । इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र द्वारा मौसम एवं जलवायु की संख्यात्मक मॉडलिंग की जाती है।

बयान के अनुसार, यह योजना बेहतर तरीके से मौसम, जलवायु एवं समुद्र के बारे में पूर्वानुमान एवं सेवाएं और अन्य जोखिम संबंधी सेवाएं प्रदान करेगी ।

इसमें कहा गया है कि पूर्वानुमान से जुड़ी सूचनाओं को तैयार करने से लेकर इनके वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में हर स्तर पर काफी संख्या में श्रमशक्ति की जरूरत होती है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।

भाषा दीपक

दीपक मनीषा

मनीषा