मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवकुमार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा का दौरा किया

मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवकुमार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा का दौरा किया

मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवकुमार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा का दौरा किया
Modified Date: June 7, 2026 / 05:46 pm IST
Published Date: June 7, 2026 5:46 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

कनकपुरा (कर्नाटक), सात जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने रविवार को उनके निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा के लोगों को धन्यवाद देने के लिए ‘कृतज्ञता यात्रा’ की, जहां कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया।

मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवकुमार का कनकपुरा का यह पहला दौरा था।

स्थानीय लोगों के लिए आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को अपनी प्राथमिकता बताते हुए शिवकुमार ने घोषणा की कि तालुक में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला जल्द ही रखी जाएगी।

नए मुख्यमंत्री का स्वागत सेब और अन्य फलों की विशाल मालाओं से किया गया और समर्थकों ने शिवकुमार पर पुष्प वर्षा की और पटाखे फोड़े। शिवकुमार ने निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का दौरा करके लोगों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया।

उन्होंने मार्ग में पड़ने वाले कई महत्वपूर्ण मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना भी की। शिवकुमार अपने पैतृक गांव डोड्डलाहल्ली समेत निर्वाचन क्षेत्र के लगभग 20 स्थानों के दौरे पर हैं।

बेंगलुरु से कनकपुरा के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘‘वहां के लोगों ने मुझे डोड्डलाहल्ली से यहां तक ​​पहुंचाया है… इसलिए मेरी पहली यात्रा अपने निर्वाचन क्षेत्र में अपने लोगों से मिलने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने की है। पिछले 40 वर्षों से मुझे राजनीतिक रूप से मजबूत करने वालों के प्रति आभार व्यक्त करना मेरा कर्तव्य है।’’

सिद्धरमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद, शिवकुमार ने तीन जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

बाद में तुंगानी में एक सभा को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘‘मैं आज कनकपुरा आया हूं। मैंने हरोहल्ली और कग्गलीपुरा में भी पार्टी कार्यकर्ताओं से बात की। मैं कनकपुरा के सभी लोगों को नमन करता हूं जिन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया और आठ बार विधानसभा के लिए चुना। आप ही के आशीर्वाद से मैं आज विधान सौध में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा हूं।’’

भाषा शफीक प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में