रासुका हिरासत समाप्त होने के बाद पंजाब पुलिस ने अमृतपाल को दो दिन की रिमांड पर लिया
रासुका हिरासत समाप्त होने के बाद पंजाब पुलिस ने अमृतपाल को दो दिन की रिमांड पर लिया
डिब्रूगढ़ (असम), 23 अप्रैल (भाषा) पंजाब पुलिस ने ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को रासुका के तहत हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद बृहस्पतिवार को रिमांड पर ले लिया।
पंजाब पुलिस की एक टीम ने 2023 के अजनाला थाने पर हमले के मामले में डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल से अमृतपाल को गिरफ्तार किया।
खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल की रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत हिरासत की अवधि बुधवार रात को समाप्त हो गई थी।
उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच दो दिन की रिमांड पर जेल से डिब्रूगढ़ पुलिस थाना ले जाया गया।
अमृतपाल को 11 वाहनों के काफिले में ले जाया गया, जिनमें पंजाब पुलिस, असम पुलिस और असम पुलिस कमांडो के वाहन शामिल थे।
दो दिन की रिमांड के दौरान पंजाब पुलिस अमृतपाल से अजनाला घटना में उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ करेगी। इस घटना में एक भीड़ ने अजनाला थाने पर कथित तौर पर हमला कर अपने एक साथी की रिहाई के लिए दबाव बनाया था, जिसके परिणामस्वरूप कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
अमृतसर (ग्रामीण) से पंजाब पुलिस की एक टीम, जिसका नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं, 19 अप्रैल से डिब्रूगढ़ में है।
अमृतपाल की वकील जसबीर कौर ने बताया कि अजनाला थाने पर हमला मामले में पंजाब पुलिस की टीम सिंह से डिब्रूगढ़ थाने में पूछताछ करेगी।
कौर ने बताया कि इसके बाद उन्हें वापस डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल लाया जाएगा और वहीं रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि सुनवाई पंजाब से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की जाएगी।
पिछले सप्ताह पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार के उस अनुरोध को मंजूरी दे दी थी जिसमें अमृतपाल को रासुका की अवधि समाप्त होने पर अजनाला मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने और उसके बाद भी उन्हें डिब्रूगढ़ जेल में रखने की बात कही गई थी।
अमृतसर (ग्रामीण), जालंधर और मोगा में हिंसा और धमकी की घटनाओं से जुड़े 12 अन्य मामले अमृतपाल और उनके समर्थकों के खिलाफ लंबित हैं।
अमृतपाल पर सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर’ गुरप्रीत सिंह की हत्या का मुख्य षड्यंत्रकारी होने का भी आरोप है, जिनकी 9 अक्टूबर 2024 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश

Facebook


