पहले विधानसभा सत्र के बाद राजीव चंद्रशेखर ने राज्य की राजनीतिक संस्कृति को ‘अजीब’ बताया

पहले विधानसभा सत्र के बाद राजीव चंद्रशेखर ने राज्य की राजनीतिक संस्कृति को ‘अजीब’ बताया

पहले विधानसभा सत्र के बाद राजीव चंद्रशेखर ने राज्य की राजनीतिक संस्कृति को ‘अजीब’ बताया
Modified Date: June 7, 2026 / 05:45 pm IST
Published Date: June 7, 2026 5:45 pm IST

तिरुवनंतपुरम, सात जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को कहा कि राज्य विधानसभा के पहले सत्र के दौरान राज्य के राजनीतिक विमर्श के कई पहलू उन्हें ‘‘अजीब’’ लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय ‘‘अनावश्यक विवाद’’ खड़े कर रहे हैं।

चंद्रशेखर ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि 18 वर्ष तक संसद में रहने के बाद वे एक जून को पहली बार विधायक के रूप में केरल विधानसभा पहुंचे। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, ‘‘मैंने सोचा था कि 18 वर्षों में मैंने राजनीति और संसदीय कार्यप्रणाली में लगभग सब कुछ देख लिया है, लेकिन अब मुझे एहसास हो रहा है कि मैंने कुछ भी नहीं देखा था।’’

नेमम के विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि हालिया विधानसभा सत्र कई कारणों से उल्लेखनीय था, लेकिन उनके लिए सबसे खास बात यह थी कि ‘‘राजनीति का वह रूप, जिसका समाज की वास्तविक समस्याओं से कोई संबंध नहीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों की राजनीति मेरे लिए सबसे अजीब थी। यह ऐसी राजनीति है जिसका समाज की वास्तविक समस्याओं से कोई संबंध नहीं है।’’

चंद्रशेखर ने कहा कि देश तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) युवाओं के लिए नए अवसर खोल रही है, जबकि कारोबार वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक नेतृत्व का एक हिस्सा विकास, निवेश और रोजगार सृजन पर चर्चा करने के बजाय वैचारिक बहस और राजनीतिक विवादों में उलझा हुआ है।

राज्य के आर्थिक श्वेत पत्र पर बहस का उल्लेख करते हुए चंद्रशेखर ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेताओं पर इसे लेकर विरोध करने का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जनता के मुद्दों के बजाय भाजपा की चुनावी सफलता को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाने में अधिक रुचि रखते हैं।

उन्होंने दावा किया कि बढ़ती कीमतों, नये निवेश की कमी और रोजगार के अवसरों को लेकर चिंताओं के बावजूद ‘‘लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दे चर्चा का विषय नहीं बन पा रहे हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘केरल की अर्थव्यवस्था किसी और कारण से नहीं, बल्कि कांग्रेस और माकपा की विनाशकारी राजनीति के कारण धराशायी हुई है।’’

स्थिति को ‘‘दुखद, निराशाजनक और पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना’’ बताते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य राज्य की राजनीतिक संस्कृति में बदलाव लाना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य तुच्छ राजनीतिक बहसों और गढ़े गए विवादों की इस संस्कृति को प्रदर्शन-आधारित राजनीति से बदलना है।’’

चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि पार्टी ‘‘विकसित केरल’’ के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती रहेगी और विधानसभा में विकास-केंद्रित मुद्दे उठाएगी।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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