छोटी जंगली बिल्लियों की सुरक्षा, संरक्षण को मजबूत करने के लिए नेटवर्क बनाने पर सहमति

छोटी जंगली बिल्लियों की सुरक्षा, संरक्षण को मजबूत करने के लिए नेटवर्क बनाने पर सहमति

छोटी जंगली बिल्लियों की सुरक्षा, संरक्षण को मजबूत करने के लिए नेटवर्क बनाने पर सहमति
Modified Date: March 15, 2026 / 02:49 pm IST
Published Date: March 15, 2026 2:49 pm IST

लखीमपुर खीरी (उप्र), 15 मार्च (भाषा) भारत, नेपाल और भूटान के वन अधिकारियों, पर्यावरण वैज्ञानिकों और वन्यजीव संरक्षकों ने लखीमपुर खीरी जिले के वन क्षेत्र में छोटी जंगली बिल्लियों की सुरक्षा और संरक्षण को मजबूत करने के लिए एक नेटवर्क बनाने पर सहमति जताई है।

अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय दुधवा बाघ अभयारण्य (डीटीआर) में ‘ग्लोबल टाइगर फोरम’ द्वारा अपने जीईएफ-7 कार्यक्रम के तहत आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय सीमा-पार सम्मेलन के समापन सत्र में लिया गया।

डीटीआर के क्षेत्र निर्देश डॉक्टर एच. राजमोहन ने बताया कि दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को समाप्त हुई, जिसमें तीनों देशों के वन अधिकारियों, संरक्षकों और वन्यजीव विशेषज्ञों ने छोटी जंगली बिल्लियों के लिए एक संयुक्त संरक्षण रणनीति विकसित करने पर सहमति जताई।

उन्होंने कहा कि छोटे मांसाहारी जीव, विशेष रूप से छोटी जंगली बिल्लियां और चूहों की आबादी को नियंत्रित करके एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक भूमिका निभाते हैं।

राजमोहन ने कहा कि प्रस्तावित नेटवर्क इस पूरे क्षेत्र में छोटी जंगली बिल्ली की प्रजातियों की स्थिति का विश्लेषण और मूल्यांकन करने में सुविधा प्रदान करेगा और उनकी मौजूदगी, आवास की स्थिति तथा उनके संरक्षण के लिए मौजूद खतरों पर वैज्ञानिक अध्ययन सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को तराई क्षेत्र में जैव विविधता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि चर्चाओं में संरक्षण प्रयासों में सीमा-पार सहयोग, वैज्ञानिक अनुसंधान और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

बैठक के दौरान, डब्ल्यू डब्ल्यू एफ-इंडिया ने ‘‘दुधवा क्षेत्र में जंगली बिल्लियों की पहचान के लिए एक नियमावली’’ नामक एक पुस्तक जारी की। यह वन अधिकारियों, शोधकर्ताओं और संरक्षण विशेषज्ञों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम करेगी।

‘ग्लोबल टाइगर फोरम’ के सचिव डॉक्टर राजेश गोपाल के अनुसार इस बैठक का उद्देश्य दक्षिण एशिया में छोटी जंगली बिल्लियों के संरक्षण को मजबूत करना और वैश्विक स्तर पर संरक्षण क्षमताओं को बढ़ाना था।

भाषा सं सलीम सुरभि

सुरभि


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