इस्तीफा देंगे अमरिंदर, कांग्रेस विधायक दल की बैठक के लिए चंडीगढ़ पहुंचे पर्यवेक्षक

इस्तीफा देंगे अमरिंदर, कांग्रेस विधायक दल की बैठक के लिए चंडीगढ़ पहुंचे पर्यवेक्षक

Edited By: , September 18, 2021 / 04:05 PM IST

चंडीगढ़/नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई में फिर तेज हुई तनातनी के बीच पार्टी आलाकमान के निर्देश पर शनिवार शाम बुलाई गई विधायक दल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा देने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

इससे पहले, कई विधायकों ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को हटाने की मांग करते हुए सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा था।

सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर समर्थक विधायकों के साथ बैठक में इस्तीफा देने का फैसला किया। वह शाम साढ़े चार बजे राज्यपाल से मुलाकात कर इस्तीफा दे सकते हैं।

इस बीच, विधायक दल की बैठक के लिए कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन एवं हरीश चौधरी तथा पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश रावत चंडीगढ़ पहुंच गए हैं। चंडीगढ़ पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने उनका स्वागत किया।

कुछ खबरों में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह से इस्तीफा देने के लिए कहा था, हालांकि कांग्रेस सूत्रों ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया है।

सूत्रों के मुताबिक, अमरिंदर सिंह सोनिया से बात की और बार-बार हो रहे ‘अपमान’ को लेकर नाराजगी और नाखुशी जताई।

पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि 50 से अधिक विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाए।

सूत्रों का यह भी कहना है कि यह संकट ‘गंभीर’ है क्योंकि बहुत सारे विधायकों ने विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री को बदलने की मांग की है।

विधायकों ने अपने पत्र में सोनिया गांधी ने विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की। पार्टी आलाकमान ने शनिवार शाम बैठक बुलाने का निर्देश दिया और वरिष्ठ नेताओं – अजय माकन और हरीश चौधरी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया।

कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत भी विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे।

विधायक दल की इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी की राज्य इकाई में उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने का जो रास्ता अपनाया है, उसने न सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है, बल्कि अकाली दल की बुनियाद हिल गई है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वाह राहुल गांधी, आपने बेहद उलझी हुई गुत्थी के पंजाबी संस्करण के समाधान का रास्ता निकाला है। आश्चर्यजनक ढंग से नेतृत्व के इस साहसिक फैसले ने न सिर्फ पंजाब कांग्रेस के झंझट को खत्म किया है, बल्कि इसने कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है और अकालियों की बुनियाद हिला दी है।’’

विधायक दल की यह बैठक मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच पिछले कई महीनों से चल रही तनातनी की पृष्ठभूमि में हो रही है।

भाषा हक हक दिलीप

दिलीप