आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक वर्तमान स्वरूप में राज्य के हित में नहीं: वाईएसआरसीपी
आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक वर्तमान स्वरूप में राज्य के हित में नहीं: वाईएसआरसीपी
नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देने वाले विधेयक के वर्तमान स्वरूप का विरोध करते हुए बुधवार को कहा कि यह आंध्र प्रदेश के हित में नहीं है।
आंध्र प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी के सदस्यों ने विधेयक के विरोध में लोकसभा से बहिर्गमन भी किया।
सदन में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता मिथुन रेड्डी ने ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि अमरावती को राजधानी बनाने के नाम पर लूट की जा रही है।
उनका कहना था, ‘‘अमरावती का निर्माण किसानों की जमीन पर किया जा रहा है। किसानों से वादा किया गया था कि उन्हें विकसित भूखंड दिया जाएगा, उनके बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी, मकान दिए जाएंगे और कई दूसरे वादे किए गए…आज तक किसानों को एक भी भूखंड नहीं दिया गया।’’
उन्होंने कहा कि सरकार वह तारीख बताए जब तक किसानों को भूखंड दिया जाएगा।
रेड्डी ने कहा, ‘‘इसे विधेयक में शामिल किया जाना चाहिए, नहीं तो इस विधेयक का कोई मतलब नहीं है…राजधानी के लिए कितनी जमीन का अभी और अधिग्रहण किया जाएगा तथा कितना खर्च होगा, इस पर स्पष्टता होनी चाहिए।’’
वाईएसआर कांग्रेस के सांसद ने दावा किया कि यह विधेयक वर्तमान स्वरूप में आंध्र प्रदेश के हित में नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अमरावती और या किसी दूसरे स्थान के खिलाफ नहीं हैं।
उन्होंने राज्य में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार के समय आंध्र प्रदेश की तीन राजधानी बनाए जाने की घोषणा पर भाजपा और तेलुगु देसम पार्टी के हमले पर पलटवार करते हुए कहा कि तीन राजधानियों की परिकल्पना को समझना चाहिए।
रेड्डी ने कहा, ‘‘इसके पीछे की मंशा यह थी कि सिर्फ एक स्थान पर सारा पैसा नहीं खर्च किया जाए, बल्कि पूरे प्रदेश का विकास हो।’’
उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका और कुछ अन्य देश हैं जहां तीन राजधानियां हैं।
भाषा हक हक वैभव
वैभव

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