दूल्हे के घोड़ी में बैठने पर प्रतिबंध, बारात में डीजे लेकर आए तो नहीं मिलेगी दुल्हन, इस समाज में जारी हुआ फरमान

वहीं पंचों के फरमान के मुताबिक दूल्हे को क्लीन शेव होना भी जरूरी होगा इसके लिए समाज की ओर से कुछ नियम तय किये गये हैं।

Edited By: , June 23, 2022 / 06:16 PM IST

पाली: देश के कई समाज की शादी में अक्सर दूल्हे की बारात बड़े ही धूमधाम से निकाली जाती है। बाजेगाजे के साथ और कार या घोड़ी में दूल्हा का बारात निकालते है। ले​किन क्या हो जब शादी में बैंड बाजा या दूल्हा घोड़ी में न बैठे। ऐसा ही राजस्थान के मारवाड़ इलाके के पाली में देखने को मिला है। दअरसल, यहां जाट समाज पांच खेड़ा में शादी समारोह को लेकर एक बैठक हुई है। जिसमें ये फैसला लिया गया है कि शादी ब्याह में फिजूलखर्ची नहीं की जायेगी। यानी अब जाट समाज में बैंड बाजा और घोड़ी को बैन कर दिया गया है। वहीं पंचों के फरमान के मुताबिक दूल्हे को क्लीन शेव होना भी जरूरी होगा इसके लिए समाज की ओर से कुछ नियम तय किये गये हैं।

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जाट समाज के नियम के अनुसार अब दूल्हा पैदल ही बारात लेकर आएगा तब ही दूल्हन को अपने साथ ले जा सकता है। वहीं शादी में शराब तथा सिगरेट भी बैन कर दिया गया है। वहीं मायरा तथा अन्य कार्यक्रमों में भी नियमों की पालना तय की गई है। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। किसी की मृत्यु होने पर की जाने वाली पहरावनी और ओढ़ावनी की रस्म भी नाम मात्र की होगी। रविवार को हुए जाट समाज के बैठक में ये नियम तय किय गया है। जाट समाज द्वारा जारी ये फरमान अब पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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समाज के पंचा का कहना है कि इन समाज में कार्यक्रमों में लोग बढ़ चढ़कर खर्च करते है। जिसे आर्थिक रूप से संपन्न परिवार तो निभा लेते है, लेकिन ये गरीब परिवार बोझ के नीचे दब जाता है। लिहाजा कुछ नियमों का पालन किया जायेगा तो समाज में समानता का भाव रहेगा।

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बता दें कि इससे पहले हालही में जिले कुमावत समाज ने भी शादी के लिए अजीब फरमान किया था। जहां 19 गांवों के प्रतिनिधियों ने एक सभा में नए नियमों का एक प्रस्ताव पारित किया था। पंचों का कहना है कि शादी में लाखों रुपये खर्च होते है। लेकिन ग​रीब परिवारों के लिए ये गंभीर समस्या बनी हुई है। इन 5 गांवों में जाट समाज के करीब 500 घर हैं।