अहमदाबाद में मुद्रा भंडार से 8.7 करोड़ रुपये चुराने के आरोप में बैंक कर्मचारी गिरफ्तार
अहमदाबाद में मुद्रा भंडार से 8.7 करोड़ रुपये चुराने के आरोप में बैंक कर्मचारी गिरफ्तार
अहमदाबाद, 24 मई (भाषा) गुजरात के अहमदाबाद में सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक के कर्मचारी को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मुद्रा भंडार से 8.7 करोड़ रुपये चोरी कर उन्हें संपत्तियों और क्रिप्टो करंसी में निवेश कर धन शोधन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
सहायक पुलिस आयुक्त (डी मंडल) हितेंद्र चौधरी ने बताया कि पुलिस ने एक खुफिया सूचना मिलने पर आरोपी हर्षिद्ध कडियार को शुक्रवार को सोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि आरोपी बैंक ऑफ बड़ौदा में कनिष्ठ संरक्षक के पद पर कार्यरत था और उसने 13 जनवरी को करोड़ों रुपये की चोरी को अंजाम दिया था।
उन्होंने बताया कि कडियार को 27 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
अधिकारी ने कहा कि आरोपी कालूपुर क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी रोड शाखा में कनिष्ठ संयुक्त संरक्षक था, जहां आरबीआई का मुद्रा भंडार मौजूद है।
पुलिस के मुताबिक, कडियार ने दो संविदा श्रमिकों के साथ मिलकर इस्तेमाल किए गए लोहे के बक्सों को बाहर ले जाने के बहाने नकदी की तस्करी की। हालांकि, उन बक्सों में कथित तौर पर 8.7 करोड़ रुपये थे।
चौधरी ने बताया कि आरोपी ने संदेह से बचने के लिए 20 अप्रैल तक नियमित रूप से बैंक में काम करना जारी रखा क्योंकि उसे लगा कि चोरी की घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज 90 दिन बाद स्वतः डिलीट हो जाएगी। बाद में वह अचानक गायब हो गया और लंबे अवकाश पर चला गया।
उन्होंने कहा कि आरबीआई निरीक्षण से पहले नियमित सत्यापन के दौरान मुद्रा भंडार के नए प्रभारी को नोटों की कमी का पता चला, जिसके बाद चोरी का मामला सामने आया।
चौधरी ने बताया कि 15 मई को कालूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने जिस जगह से आरोपी को गिरफ्तार किया, वहां खड़ी एक कार की डिक्की से 2.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए।
अधिकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान कडियार ने स्वीकार किया कि उसने चोरी की रकम का एक हिस्सा चांदखेड़ा में मकान, एक व्यावसायिक वाहन और अहमदाबाद में एक दुकान खरीदने में लगाया। उसने अपनी एक महिला सहकर्मी को मकान खरीदने के लिए 23 लाख रुपये और अतिरिक्त पांच लाख रुपये नकद भी दिए।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने चोरी की रकम का एक हिस्सा क्रिप्टोकरंसी बाजार में भी निवेश किया था।
भाषा गोला नेत्रपाल
नेत्रपाल

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