बंगाल : गिरफ्तार टीएमसी पार्षदों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा, अंडे फेंके गए

बंगाल : गिरफ्तार टीएमसी पार्षदों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा, अंडे फेंके गए

बंगाल : गिरफ्तार टीएमसी पार्षदों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा, अंडे फेंके गए
Modified Date: June 7, 2026 / 07:10 pm IST
Published Date: June 7, 2026 7:10 pm IST

कोलकाता, सात जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो पार्षदों की अलग-अलग आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के बाद रविवार को कोलकाता के कुछ हिस्सों में जनता का गुस्सा देखने को मिला, जहां प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार पार्षदों पर अंडे फेंके। वहीं, पार्षदों के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं।

दक्षिण-पूर्वी कोलकाता के पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता और महानगर के उत्तरी इलाके के पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन पर स्थानीय लोगों ने अंडे फेंके।

इससे भी ज्यादा नाटकीय घटनाक्रम यह था कि जसीमुद्दीन ने कथित तौर पर गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में खुद को अपने घर के अंदर बंद कर लिया था, जिसके कारण पुलिस को लगभग छह घंटे तक उनके घर के बाहर इंतजार करने के बाद एक ताला खोलने वाले को बुलाना पड़ा।

जसीमुद्दीन को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत 2023 में दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया।

दक्षिण-पूर्वी कोलकाता के सैकड़ों निवासी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए पातुली थाने के बाहर एकत्र हुए। दासगुप्ता को जबरन वसूली सहित अन्य गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोपी नेता पर उस समय अंडे फेंके, जब पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें अलीपुर अदालत ले जा रही थी।

कोलकाता नगर निगम के वार्ड 101 के पार्षद दासगुप्ता को शनिवार शाम उनके सहयोगी सौरव घोष के साथ गिरफ्तार किया गया था।

बाद में अदालत ने दासगुप्ता को 21 जून तक और घोष को 18 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पार्षद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, आगजनी का प्रयास और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं।

यह मामला स्थानीय वकील परमिता डे द्वारा दायर एक शिकायत से संबंधित है, जिन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने आवास पर एक चैंबर स्थापित करने की कोशिश की, तो दासगुप्ता ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की।

शिकायत के अनुसार, लगातार दबाव और धमकियों का सामना करने के बाद डे ने आखिरकार दो लाख रुपये का भुगतान किया।

अधिकारी ने कहा, ‘‘शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 2021 के विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के तुरंत बाद, दासगुप्ता और उनके साथियों ने गैरकानूनी रूप से डे के आवास में प्रवेश किया, संपत्ति में तोड़फोड़ की और आगजनी का प्रयास किया।’’

पातुली थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों ने पार्षद को ‘‘चोर’’ बताते हुए नारे लगाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कई निवासियों ने दासगुप्ता पर जमीन हड़पने और जबरन उगाही का विरोध करने वालों को धमकाने का आरोप लगाया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस काफिले को रोकने की कोशिश की और दासगुप्ता को ले जा रहे वाहन पर अंडे फेंके, जो इस मामले को लेकर जनता के आक्रोश को दर्शाता है।

नवगठित भाजपा सरकार में मंत्री इंद्रनील खान ने कहा, ‘‘लोगों का यह आक्रोश टीएमसी नेताओं द्वारा उन पर किए गए अत्याचारों का परिणाम है। लोग अब शिकायतें दर्ज कराने के लिए आगे आ रहे हैं।’’

भाषा

शफीक दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में