बंगाल: तूणमूल ने ‘झुग्गी-झोपड़ी’ वाली टिप्पणी पर शाह की आलोचना की, बताया ‘राजनीतिक पर्यटक’

बंगाल: तूणमूल ने ‘झुग्गी-झोपड़ी’ वाली टिप्पणी पर शाह की आलोचना की, बताया ‘राजनीतिक पर्यटक’

बंगाल: तूणमूल ने ‘झुग्गी-झोपड़ी’ वाली टिप्पणी पर शाह की आलोचना की, बताया ‘राजनीतिक पर्यटक’
Modified Date: April 22, 2026 / 11:18 pm IST
Published Date: April 22, 2026 11:18 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें राज्य का ‘राजनीतिक पर्यटक’ करार दिया।

ब्रायन ने दमदम में गृह मंत्री के एक चुनावी भाषण का वीडियो साझा किया, जिसमें शाह ने कहा था, ‘पूरा शहर (कोलकाता) एक तरह से झुग्गी-झोपड़ियों का शहर बन गया है’।

तृणमूल नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आपकी (शाह की) हिम्मत कैसे हुई। अमित शाह, आप तो तीसरे दर्जे के राजनीतिक पर्यटक हैं। आपकी हिम्मत कैसे हुई कोलकाता को ‘झुग्गी-झोपड़ियों का शहर’ कहने की?’’

तृणमूल कांग्रेस ने शाह की टिप्पणी को ‘बांग्ला-विरोधी’ बताया।

पार्टी ने पोस्ट में कहा,“कोलकाता को कई नामों से पुकारा गया है, आनंद का शहर, भारत की सांस्कृतिक राजधानी, पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार, भारत का सबसे सुरक्षित शहर।”

तृणमूल ने कहा, “अमित शाह ने इस सूची में आज अपना नाम जोड़ दिया। उन्होंने कोलकाता को झुग्गी-झोपड़ियों का शहर कहा। उनके लिए, इस शहर को बसाने और चलाने वाले लोग झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले हैं, जो तिरस्कार के सिवा किसी भी चीज के लायक नहीं हैं।”

पार्टी ने आरोप लगाया कि शाह की टिप्पणियां राज्य के प्रति भाजपा के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।

पार्टी ने कहा, “भाजपा बंगाल को इसी नजरिए से देखती है। अगर वे कभी यहां पैर जमा लेते हैं, तो वे बंगाल के साथ इसी तरह का व्यवहार करेंगे।’

पार्टी ने कहा, “अगर इन बांग्ला विरोधी जमींदारों को सत्ता में आने दिया गया तो आगे क्या होगा, इसकी कल्पना कीजिए?”

शाह ने दमदम में सत्तारूढ़ तृणमूल पर वोट बैंक की राजनीति के लिए इन इलाकों में “घुसपैठियों” को बसाने का भी आरोप लगाया था।

उन्होंने मतदाताओं से पश्चिम बंगाल को “घुसपैठियों” से मुक्त कराने और “कोलकाता की गरिमा को बहाल करने” के लिए भाजपा का समर्थन करने का आग्रह किया।

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने आरोप लगाया कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है, तो उन ‘वास्तविक’ बांग्ला भाषी नागरिकों को निर्वासित करने के लिए नजरबंदी शिविर बनाए जा सकते हैं, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची में शामिल नहीं हुए हैं।

बसु ने कोलकाता प्रेस क्लब में तृणमूल कांग्रेस के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि एकमात्र विपक्षी महिला मुख्यमंत्री को हराने के लिए लगभग पूरा केंद्रीय मंत्रिमंडल और भाजपा शासित कम से कम छह राज्यों के मुख्यमंत्री बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए घूम रहे हैं।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन


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