बेंगलुरु की अदालत ने गायक मन्ना डे से संबंधित एक किताब पर से रोक हटाई |

बेंगलुरु की अदालत ने गायक मन्ना डे से संबंधित एक किताब पर से रोक हटाई

बेंगलुरु की अदालत ने गायक मन्ना डे से संबंधित एक किताब पर से रोक हटाई

: , January 25, 2023 / 08:10 PM IST

कोलकाता, 25 जनवरी (भाषा) बेंगलुरु की एक निचली अदालत ने प्रसिद्ध गायक मन्ना डे पर आधारित एक किताब को फिर से जारी करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया जिससे छह साल से जारी कानूनी लड़ाई खत्म हो गई।

पीआरएल सिटी, बेंगलुरु के सत्र न्यायाधीश ने हाल के एक आदेश में डे की बेटी शुमिता देब द्वारा रोक की अर्जी को खारिज कर दिया और इसके परिणामस्वरूप ‘तारादेर शेष चिट्ठी’ किताब के जारी होने का मार्ग साफ हो गया।

पत्रकार गौतम भट्टाचार्य द्वारा लिखित किताब विमोचन के 11 महीने बाद फरवरी 2017 में विवादों में घिर गई थी, जब शुमिता और उनके पति ज्ञान रंजन देब ने सत्र अदालत के समक्ष मानहानि का मुकदमा दायर किया था। शिकायत में दावा किया गया था कि किताब में कुछ सामग्री ‘‘झूठी, निराधार’’ है और बदनाम करने की मंशा से लिखी गई।

अदालत ने कहा, ‘‘28.10.2013 के लेख की सामग्री और ‘तारादेर शेष चिट्ठी’ किताब का अध्याय सात झूठा और मानहानिकारक है, यह मुकदमे में विचार का विषय है। इस समय, पुस्तक के मुद्रण, प्रकाशन और बिक्री पर रोक लगाने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा क्योंकि उक्त लेख असंख्य लोगों द्वारा पढ़े गए हैं।’’

बेंगलुरु में गायक के साथ अपनी आखिरी मुलाकात का वर्णन करते हुए, भट्टाचार्य ने वृद्धावस्था में एक जगह सीमित हो जाने की भावना और महानगर के एक अपार्टमेंट में रहने की दिक्कतों के बारे में लिखा था। अक्टूबर 2013 में गायक के निधन के बाद, पत्रकार का लेख पहली बार 28 अक्टूबर को ‘आनंद बाजार पत्रिका’ में प्रकाशित हुआ था।

भट्टाचार्य ने बुधवार को पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मामला अभी भी बेंगलुरु उच्च न्यायालय में लंबित है और वहां बहस की जाएगी, लेकिन किताब पर लगी रोक हटा दी गई है। आज से ही और कोलकाता पुस्तक मेले में (31 जनवरी से) किताब पाठकों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।’’

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)