बिरसा मुंडा के आदर्श समावेशी विकास के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं: उपराष्ट्रपति

बिरसा मुंडा के आदर्श समावेशी विकास के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं: उपराष्ट्रपति

बिरसा मुंडा के आदर्श समावेशी विकास के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं: उपराष्ट्रपति
Modified Date: June 9, 2026 / 12:03 pm IST
Published Date: June 9, 2026 12:03 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके आदर्श सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।

आज के ही दिन 1900 में इस महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी ने वीरगति प्राप्त की थी। उन्होंने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुए ऐतिहासिक आदिवासी विद्रोह ‘‘उलगुलान’’ (महान विद्रोह) का नेतृत्व किया था।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुंडा का जीवन साहस, आत्मसम्मान और न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐतिहासिक उलगुलान के माध्यम से उन्होंने दमन के खिलाफ प्रतिरोध की भावना को जागृत किया और आदिवासी समुदायों को उनके अधिकारों, पहचान और गरिमा की रक्षा के लिए प्रेरित किया।’’

राधाकृष्णन ने याद किया कि झारखंड के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन और हाल में उपराष्ट्रपति के रूप में भी उन्हें बिरसा मुंडा के जन्मस्थान उलिहातु में उन्हें श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला था।

उन्होंने कहा, ‘‘भगवान बिरसा मुंडा का बलिदान और आदर्श राष्ट्र को सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण और समावेशी विकास की दिशा में मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बनी रहेगी।’’

भाषा

सुरभि मनीषा

मनीषा


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