नगालैंड में दाखिले और नौकरियों के लिए जन्म प्रमाणपत्र ही एकमात्र मान्य दस्तावेज
नगालैंड में दाखिले और नौकरियों के लिए जन्म प्रमाणपत्र ही एकमात्र मान्य दस्तावेज
कोहिमा, 22 जनवरी (भाषा) नागालैंड सरकार ने स्कूलों में दाखिले, सरकारी नौकरियों और विभिन्न आधिकारिक सेवाओं के लिए जन्म प्रमाणपत्र को एकमात्र अनिवार्य दस्तावेज बना दिया है।
अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी, मूल्यांकन तथा आईटी एंड सी के सलाहकार एस. सेथरोंक्यू संगतम ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने नगालैंड जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2024 को लागू कर दिया है।
संगतम ने कहा कि जन्म और मृत्यु का पंजीकरण राज्य की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जो व्यक्तियों की कानूनी पहचान स्थापित करता है और कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रभावी योजना बनाने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि नागरिक पंजीकरण एक सतत, स्थायी और अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसमें जन्म, मृत्यु, विवाह, आकस्मिक मृत्यु और तलाक जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं शामिल हैं।
संगतम ने बताया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संसद द्वारा 2023 में संशोधन किया गया था, जो एक अक्टूबर 2023 से देशभर में लागू हुआ। इसके अनुरूप, राज्य विधानसभा ने नगालैंड जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण(संशोधन) नियम, 2024 पारित किए, जिन्हें आठ फरवरी 2025 को अधिसूचित किया गया।
संशोधित नियमों के तहत अब जन्म प्रमाणपत्र ही स्कूलों में दाखिले, सरकारी नौकरी में नियुक्ति, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने, विशिष्ट पहचान (यूआईडी) के पंजीकरण, विवाह प्रमाणपत्र और अन्य आधिकारिक उद्देश्यों के लिए एकमात्र वैध दस्तावेज होगा।
संगतम ने कहा कि एक अक्टूबर 2023 को या उससे पहले जन्मे व्यक्तियों के लिए जन्म प्रमाणपत्र जन्मतिथि और स्थान का भी एकमात्र प्रमाण माना जाएगा।
उन्होंने नागरिकों से समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि स्कूल प्रमाणपत्र जैसे अन्य दस्तावेजों पर निर्भरता अब पर्याप्त नहीं होगी।
पंजीकरण सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए राज्य में कुल 1,474 पंजीकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक मान्यता प्राप्त गांव में पंजीकरण इकाइयां स्थापित की गई हैं, जहां सरकारी शिक्षकों को पंजीयक नामित किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पंजीकरण इकाइयों के रूप में कार्य करेंगे, जहां प्रभारी नर्स पंजीयक होंगी।
शहरी क्षेत्रों में अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, जिला अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी अधिकारियों के कार्यालयों और सभी जिला अस्पतालों में पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
संशोधित नियमों में जन्म प्रमाणपत्र पर बच्चे के नाम के संक्षिप्त रूप (एब्रिविएशन) के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव


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