भाजपा ने आप पर बेअदबी विरोधी विधेयक को ठीक तरह से न संभालने का आरोप लगाया

भाजपा ने आप पर बेअदबी विरोधी विधेयक को ठीक तरह से न संभालने का आरोप लगाया

भाजपा ने आप पर बेअदबी विरोधी विधेयक को ठीक तरह से न संभालने का आरोप लगाया
Modified Date: June 29, 2026 / 10:59 pm IST
Published Date: June 29, 2026 10:59 pm IST

चंडीगढ़, 29 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ से जुड़े मामले को ठीक तरह से नहीं संभालने का आरोप लगाया। भाजपा ने साथ ही सरकार के मंत्रियों और विधायकों पर विधेयक को बिना पढ़े ही मंजूरी देने का आरोप भी लगाया।

ढिल्लों ने यहां जारी एक बयान में कहा कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक को बिना उचित जांच-पड़ताल के मंजूरी देना सत्तारूढ़ दल की ‘‘गंभीर लापरवाही’’ दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार और आप नेता ‘बेअदबी’ के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं तथा सिख भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अकाल तख्त के समक्ष पेश नहीं होने के लिए आलोचना की जबकि विधायकों को इसके निर्देश दिए गए। भाजपा नेता ने कहा कि उनका पेश नहीं होना अकाल तख्त के प्रति असम्मान है।

ढिल्लों ने कहा कि सिख धार्मिक मामलों से जुड़े किसी भी कानून को पारित करने से पहले सरकार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और अकाल तख्त साहिब से परामर्श करना चाहिए था।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आप विधायकों को अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने से पहले पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल से कथित रूप से अनुमति क्यों लेनी पड़ी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है, तो केजरीवाल की मंजूरी की आवश्यकता क्यों पड़ी?’’ साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से विधेयक को ठीक तरह से नहीं संभालने के चलते अकाल तख्त साहिब को हस्तक्षेप करना पड़ा।

ढिल्लों ने कहा कि चूंकि सरकार ने कानून में एक महीने के भीतर संशोधन का कथित तौर पर लिखित आश्वासन दिया है, इसलिए मुख्यमंत्री को भी अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि कोई भी नेता अकाल तख्त की सर्वोच्चता से ऊपर नहीं हो सकता और पंजाब की जनता आप सरकार को सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफ नहीं करेगी।

भाषा अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल


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