(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 24 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने रविवार को फाल्टा विधानसभा सीट पर 1,09,021 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई।
पुनर्मतदान से कुछ ही दिन पहले खान ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी, जिसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उनका निजी फैसला बताया था। हालांकि, उस समय नामांकन वापस लेना संभव नहीं था, इसलिए उनका नाम ईवीएम में बना रहा।
पांडा को 1,49,666 वोट मिले, जबकि माकपा के शंभू नाथ कुर्मी 40,645 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
कुल 2.36 लाख मतदाताओं वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में खान को महज 7,783 वोट मिले। टीएमसी का 2011 से लगातार इस सीट पर कब्जा था और 2021 में इसने लगभग 57 प्रतिशत मतों के साथ जीत हासिल की थी।
भाजपा ने पुनर्मतदान में 71.2 प्रतिशत वोट हासिल किए, जो 2021 में 36.75 प्रतिशत के मुकाबले एक बड़ी छलांग है, जबकि टीएमसी का मत प्रतिशत गिरकर सिर्फ 3.7 प्रतिशत रह गया।
इस जीत के साथ, निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में राज्य विधानसभा में भाजपा की सीटों की संख्या बढ़कर 208 हो गई है। हालांकि, प्रभावी विधानसभा संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ क्योंकि अधिकारी ने नंदीग्राम सीट खाली करके भवानीपुर सीट बरकरार रखी है।
दिन की शुरुआत में रुझानों के आधार पर भाजपा की भारी जीत की संभावना जताई जा रही थी, ऐसे में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि जब लोगों को स्वतंत्र रूप से मतदान करने की अनुमति दी गई तो ‘‘वास्तविकता सामने आ गई’’।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को ‘‘भारी जनादेश’’ देने के लिए वह ‘‘फाल्टा की जनता को नमन’’ करते हैं। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने एक लाख वोट के अंतर से जीत दिलाने की अपील की थी, लेकिन लोगों ने इस लक्ष्य से अधिक वोट से विजय दिला दी।
‘विकास के माध्यम से कर्ज चुकाने’ और एक ‘सुनहरा फाल्टा’ बनाने का वादा करते हुए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सत्ता में रहने के दौरान पार्टी एक ‘‘माफिया कंपनी’’ में बदल गई, जिसने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया, जनता का धन लूटा और गिरोहों तथा धमकियों की संस्कृति को बढ़ावा दिया।
अधिकारी ने एक ‘‘धोखेबाज’’ का भी जिक्र किया, जिसने ‘‘कमांडर का पद’’ हासिल कर लिया था। इसे टीएमसी महासचिव और डायमंड हार्बर सीट से सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर स्पष्ट इशारा माना जा रहा है।
फाल्टा सीट पर 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा नए सिरे से मतदान कराने का आदेश दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बीच 21 मई को सभी 285 बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया जिसमें 87 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया था।
भाषा संतोष संतोष नेत्रपाल
नेत्रपाल