वृत्तचित्र ‘1947: ब्रेक्सिट इंडिया’ में सुनाई देगी बोमन ईरानी की आवाज़
वृत्तचित्र ‘1947: ब्रेक्सिट इंडिया’ में सुनाई देगी बोमन ईरानी की आवाज़
नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) अभिनेता-फिल्म निर्माता बोमन ईरानी ने नए वृत्तचित्र “1947: ब्रेक्सिट इंडिया” के लिए सूत्रधार की भूमिका निभाई है। यह वृत्तचित्र भारत की स्वतंत्रता को एक आर्थिक दृष्टिकोण से पुनर्परिभाषित करता है और 338 वर्षों की ब्रिटिश उपस्थिति को एक राजनीतिक गाथा के बजाय एक वाणिज्यिक उद्यम के रूप में पेश करता है।
फिल्म निर्माता स्वर्णजीत सिंह और एक्लेक्टिक फिल्म्स ने यूट्यूब पर वृत्तचित्र का प्रोमो जारी किया। इसका निर्देशन संजीव लाल ने किया है और पटकथा शमा जैदी ने लिखी है, जो “गरम हवा” और “शतरंज के खिलाड़ी” जैसी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं।
दो घंटे की यह फिल्म 1609 में व्यापारियों के रूप में भारत में अंग्रेजों के आगमन से लेकर 1947 में उनके प्रस्थान तक की उनकी भारत यात्रा का वर्णन करती है।
एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वृत्तचित्र में यह तर्क दिया गया है कि भारतीयों ने जिसे मुक्ति के रूप में अनुभव किया वह अंग्रेजों के लिए एक ऐसे साम्राज्य से रणनीतिक निकास था जो लाभदायक नहीं रह गया था।
यह इस चौंकाने वाले विरोधाभास को रेखांकित करता है कि कैसे विश्व जीडीपी के केवल दो प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले एक राष्ट्र ने एक ऐसे उपमहाद्वीप को उपनिवेश बनाया जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में 25 प्रतिशत का योगदान देता था जबकि भारत की आबादी के 0.05 प्रतिशत से अधिक को कभी भी इसके प्रशासन के लिए तैनात नहीं किया।
इस विषय पर एक दशक से अधिक समय तक शोध करने वाले निर्माता स्वर्णजीत सिंह ने कहा, “वे व्यापारी के रूप में आए, भारतीय शासकों पर माफिया-शैली का नियंत्रण विकसित किया, और अंततः द्वितीय विश्व युद्ध की वित्तीय बर्बादी के बाद जब उनका व्यवसाय खराब हो गया तो उन्होंने यह काम छोड़ दिया।”
उन्होंने कहा, “यह फिल्म एक अनकही आर्थिक कहानी के बारे में है जिसे हर भारतीय और इतिहास के छात्र को जानने का अधिकार है।”
“1947: ब्रेक्सिट इंडिया” को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) 2023 और मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (एमआईएफएफ) 2024 में आधिकारिक तौर पर चुना गया था।
यह वृत्तचित्र एक प्रमुख ओटीटी मंच पर डिजिटल प्रीमियर के लिए तैयार है।
भाषा
प्रशांत नरेश
नरेश

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