वृंदा करात ने ‘जी राम जी अधिनियम’ के नियमों को वापस लेने की मांग की

वृंदा करात ने ‘जी राम जी अधिनियम’ के नियमों को वापस लेने की मांग की

वृंदा करात ने ‘जी राम जी अधिनियम’ के नियमों को वापस लेने की मांग की
Modified Date: June 29, 2026 / 06:53 pm IST
Published Date: June 29, 2026 6:53 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने सोमवार को ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ से जुड़े नियमों को वापस लेने का आग्रह किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये नियम निर्णय लेने की प्रक्रिया को केंद्रीकृत करते हैं, राज्यों की भूमिका को कमजोर करते हैं और ग्रामीण श्रमिकों की चिंताओं की अनदेखी करते हैं।

करात ने चौहान को लिखे एक पत्र में कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 22 मई को अधिसूचित किए गए नियम श्रमिक संगठनों और मनरेगा यूनियनों से बिना किसी परामर्श के तैयार किए गए हैं तथा इससे ग्रामीण रोजगार योजना पर निर्भर लोगों की आवाज और अधिक हाशिए पर चली जाएगी।

वामपंथी नेता का कहना है कि उनकी चिंताएं 28 जून को राजस्थान के उदयपुर जिले के बरापाला गांव स्थित एक निर्धारित मनरेगा कार्यस्थल के दौरे के दौरान श्रमिकों से बातचीत पर आधारित हैं।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों को ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली शुरू होने का करीब चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन कनेक्टिविटी संबंधी समस्याओं के कारण वे काम शुरू नहीं कर सके।

भाषा हक हक माधव

माधव


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