बीएसएफ मामला: परगट सिंह ने अमरिंदर की निंदा की, पूर्व मुख्यमंत्री ने जवाबी हमला किया

बीएसएफ मामला: परगट सिंह ने अमरिंदर की निंदा की, पूर्व मुख्यमंत्री ने जवाबी हमला किया

Edited By: , October 14, 2021 / 11:12 PM IST

चंडीगढ़, 14 अक्टूबर (भाषा) पंजाब सरकार के मंत्री परगट सिंह ने राज्य में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकारक्षेत्र बढ़ाने के केंद्र के फैसले का समर्थन करने पर पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की बृहस्पतिवार को निंदा की और इस कदम के पीछे उनकी भूमिका होने का आरोप लगाया।

वहीं, अमरिंदर सिंह ने जवाबी हमला किया और कहा कि परगट सिंह तथा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू सस्ती लोकिप्रयता पाने के लिए हास्यास्पद कहानियां बनाने से बेहतर कुछ और नहीं कर सकते।

पंजाब के मंत्रियों-परगट सिंह और विजय इंदर सिंगला ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य में बीएसएफ का अधिकारक्षेत्र बढ़ाने का केंद्र का फैसला ‘‘संघीय ढांचे पर हमला’’ है।

केंद्र की निंदा करते हुए परगट सिंह ने अमरिंदर सिंह पर भी निशाना साधा और उन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया।

अमरिंदर ने केंद्र के निर्णय का समर्थन करते हुए बुधवार को कहा था कि यह कदम ‘‘हमें मजबूत बनाएगा तथा केंद्रीय सशस्त्र बलों को राजनीति में नहीं घसीटा जाना चाहिए।’’

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके परगट ने उनके बयान को ‘‘दुर्भाग्यूपर्ण’’ करार देते हुए कहा कि वह ‘‘भाजपा की तरह काम कर रहे हैं।’’

अमरिंदर ने परगट सिंह पर जवाबी हमला करते हुए कहा कि यह राज्य के किसी मंत्री की अत्यधिक गैर-जिम्मेदारी को दिखाता है।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि परगट सिंह तथा नवजोत सिंह सिद्धू सस्ती लोकिप्रयता पाने के लिए हास्यास्पद कहानियां बनाने से बेहतर कुछ और नहीं कर सकते।

अमरिंदर ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला पर भी हमला बोला जिन्होंने केंद्र के निर्णय का समर्थन करने पर कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने बीएसएफ का अधिकारक्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने के लिए पहले क्यों नहीं लिखा था।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सुरजेवाला से पूछा, ‘‘कितना हास्यास्पद है। आपका मतलब है कि मैं केंद्रीय गृह मंत्रालय को फैसले लेने का आदेश देता हूं और न सिर्फ पंजाब बल्कि गुजरात, पश्चिम बंगाल, असम आदि में भी।’’

अमरिंदर ने कहा कि जो व्यक्ति अपने ही राज्य (हरियाणा) में चुनाव नहीं जीत सका है, उसे राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।

भाषा

नेत्रपाल रंजन

रंजन