बीएसएफ का डिप्टी कमांडेंट पांच बिल्डर से 125 करोड़ की कथित ठगी के आरोप में गिरफ्तार : पुलिस

बीएसएफ का डिप्टी कमांडेंट पांच बिल्डर से 125 करोड़ की कथित ठगी के आरोप में गिरफ्तार : पुलिस

Edited By: , January 13, 2022 / 10:30 PM IST

गुरुग्राम, 13 जनवरी (भाषा) बीएसएफ के एक डिप्टी कमांडेंट और बैंक प्रबंधक के रूप में कार्यरत उसकी बहन को पांच बिल्डरों से कथित रूप से करीब 125 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने बताया कि आरोप के मुताबिक गुरुग्राम स्थित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) परिसर में निर्माण कार्य दिलाना का झांसा देकर यह ठगी की गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से 13 करोड़ रुपये नकद और बीएमडब्ल्यू समेत छह लग्जरी कारें बरामद की गई।

गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त केके राव ने बृहस्पतिवार को बताया कि डिप्टी कमांडेंट प्रवीण यादव और उनकी बहन ऋतुराज यादव के अलावा, उनकी पत्नी ममता यादव और हिसार निवासी सहयोगी दिनेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।

राव ने कहा कि यादव ने खुद को गुरुग्राम जिले के मानेसर स्थित एनएसजी मुख्यालय में तैनात भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में पेश करते हुए पीड़ितों को ठगा। राव ने कहा कि पुलिस ने यादव और उसके साथियों के पास से 13 करोड़ रुपये नकद और छह लग्जरी कारें भी बरामद की हैं और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि बीएसएफ अधिकारी के खिलाफ पहली शिकायत स्थानीय बिल्डर मोनेश ईरानी ने आठ जनवरी को दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यादव ने एनएसजी परिसर में निर्माण कार्य देने के बहाने उनसे 65 करोड़ रुपये अग्रिम राशि के रूप में लिए। इसके बाद नौ जनवरी को एक अन्य बिल्डर दविंदर यादव ने एक और शिकायत की, जिसने आरोप लगाया कि इसी तरह का झांसा देकर यादव ने उससे 37 करोड़ रुपये लिए।

राव ने कहा कि यादव के खिलाफ इसी तरह की तीन अन्य शिकायतें दर्ज की गईं। शिकायतों के आधार पर यादव के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं और उनके अपराध की जांच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त प्रीत पाल सिंह सांगवान के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी टीम ने मास्टरमाइंड यादव, उनकी पत्नी, बहन और एक अन्य को गिरफ्तार किया। राव ने बताया कि पुलिस ने यादव के कब्जे से 13.81 रुपये नकद, बीएमडब्ल्यू, हैरियर, रेंज रोवर, जीप, सफारी और वोल्वो सहित छह लक्जरी कारें भी बरामद की हैं।

राव ने कहा, ‘‘बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट यादव ने हाल ही में वीआरएस के लिए आवेदन किया था और मानेसर में एनएसजी के साथ प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे। शेयर कारोबार में हाल ही में बड़ा नुकसान होने के बाद से उन्होंने लोगों को धोखा देकर इसकी भरपाई करने की साजिश रची।’’

राव ने बताया कि यादव ने अपनी इसी साजिश के तहत पत्नी के साथ एक निजी फर्म खोली और इसमें निदेशक बना और इसके बाद उसने पेश से बैंक प्रबंधक बहन ऋतुराज को अपनी साजिश में शामिल किया। राव ने बताया कि ऋतुराज गुड़गांव के सेक्टर 84 में स्थित स्फीयर मॉल में एक्सिस बैंक की शाखा में कार्यरत थीं। फर्जी पत्र और एनएसजी मुहर के आधार पर उसने अपनी फर्म और एनएसजी के नाम पर दो बैंक खाते भी खोले और लोगों को आंतरिक सड़क बनाने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी)जैसे विभिन्न काम देने के बहाने ठगना शुरू कर दिया।

भाषा संतोष माधव

माधव