आइजोल, नौ जून (भाषा) मिजोरम के 27 वर्षीय सैन्य अधिकारी कैप्टन लालरीनावमा सैलो को शांतिकाल में दिए जाने जाने वाले भारत के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले मिजोरम के दूसरे अधिकारी बने कैप्टन सैलो ने योद्धा के जज्बे एवं असाधारण बुद्धिमत्ता कौशल का प्रदर्शन किया और विशेष बलों की उत्कृष्ट परंपराओं को मूर्त रूप दिया।
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा, ‘‘मैं 4 पैरा (विशेष बल) के कैप्टन लालरीनावमा सैलो को कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई देता हूं।’’
एक अधिकारी ने बताया कि कैप्टन सैलो की उपलब्धि के सम्मान में मिजोरम सरकार उन्हें 10 लाख रुपये प्रदान करेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कैप्टन सैलो को सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह के प्रथम चरण के दौरान यह वीरता पुरस्कार प्रदान किया।
मुर्मू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘उन्होंने (कैप्टन सैलो ने) श्रीनगर जिले में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान एक कुख्यात आतंकवादी की पहचान की और उसे मार गिराया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करते हुए बाकी आतंकवादियों को भी नजदीक से मार गिराया।’’
कैप्टन सैलो के पिता साइहमिंगलियाना सैलो ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उनके बेटो को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान असाधारण साहस दिखाने के लिए यह पुरस्कार मिला।
मुर्मू ने कैप्टन सैलो समेत सशस्त्र बलों के उन कर्मियों को सोमवार को सात कीर्ति चक्र प्रदान किए जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना अदम्य साहस, अद्वितीय वीरता और असाधारण पराक्रम दिखाया। इनमें से दो कर्मियों को पदक मरणोपरांत दिए गए।
मार्च 1999 में जन्मे कैप्टन सैलो आइजोल के चानमारी इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने देहरादून स्थित राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज में पढ़ाई की और 2018 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में शामिल हुए।
अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे कैप्टन सैलो भारतीय सेना में 2021 में शामिल हुए थे।
कैप्टन सैलो कीर्ति चक्र पाने वाले मिजोरम के दूसरे व्यक्ति हैं। यह सम्मान पाने वाले राज्य के पहले व्यक्ति असम राइफल्स के सूबेदार छलहनुना लुशाई थे जिन्हें 1968 में यह वीरता पदक प्रदान किया गया था।
भाषा
सिम्मी पवनेश
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