शिलांग में शुरू हुआ ‘चेरी ब्लॉसम महोत्सव 2021’, पहली बार साहित्यिक महोत्सव भी

शिलांग में शुरू हुआ ‘चेरी ब्लॉसम महोत्सव 2021’, पहली बार साहित्यिक महोत्सव भी

Edited By: , November 25, 2021 / 07:51 PM IST

शिलांग, 25 नवंबर (भाषा) मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा और भारत में जापान के राजदूत सातोशी सुजुकी ने बृहस्पतिवार को यहां ‘वार्ड्स लेक’ पर तीन दिवसीय ‘चेरी ब्लॉसम महोत्सव’ का उद्घाटन किया। साल के इस समय राजधानी समेत पूरे राज्य में गुलाबी चेरी ब्लॉसम फूल खिलते हैं इसलिए महोत्सव को इसका नाम दिया गया है। पिछले साल कोविड-19 महामारी के कारण इस लोकप्रिय कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था।

इस अवसर पर शिलांग साहित्य महोत्सव के प्रथम संस्करण का भी उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें खुशी है कि इस साल एक बार फिर चेरी ब्लॉसम महोत्सव की मेजबानी करने का मौका मिल रहा है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इसे एक वार्षिक कार्यक्रम बनाने का प्रयास कर रही है तथा इसमें संगीत, कला और संस्कृति का समावेश करना चाहती है। उन्होंने कहा, “पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्र में जहां इतनी प्रतिभा है, यह लोगों को केवल एक मंच देने की बात नहीं है बल्कि उन्हें एक साथ आकर सीखने और अपने विचारों का आदान प्रदान करने का अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम भी है।”

महोत्सव के दौरान गायन, नृत्य, फैशन शो, स्थानीय शराब बनाना और जापानी तथा कोरियाई पाककला की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। संगमा ने कहा कि 2022 में मेघालय राज्य का दर्जा प्राप्त करने की 50वीं वर्षगांठ मनाएगा और इस अवसर पर युवाओं को उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।

उन्होंने कहा, “पहली बार, अगले कुछ महीनों में सरकार स्थानीय संगीतकारों को एक मंच प्रदान करेगी ताकि वे संगीत को करियर के एक विकल्प के रूप में अपना सकें।” मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पहली बार आयोजित हो रहे शिलांग साहित्य महोत्सव में राज्य के लेखकों और पाठकों को देशभर से आए साहित्यकारों से संपर्क करने का अवसर मिलेगा।

सातोशी सुजुकी ने कहा कि चेरी ब्लॉसम महोत्सव के माध्यम से न केवल देश में बल्कि जापान और भारत के बीच लोगों से लोगों का संबंध प्रगाढ़ होगा। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर है जो जापान के ‘मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत’ क्षेत्र के विजन के लिए अहम है।

भाषा यश नरेश

नरेश