मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ‘ओ-जोन’ मुद्दे पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्री खट्टर से मिलेंगी

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ‘ओ-जोन’ मुद्दे पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्री खट्टर से मिलेंगी

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 10:09 PM IST,
    Updated On - June 9, 2026 / 10:09 PM IST

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) दिल्ली के ‘ओ-जोन’ क्षेत्र में स्थित कॉलोनियों और गांवों में पुराने निर्माण के खिलाफ कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाएगी तथा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जल्द ही केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहरलाल खट्टर से इस मुद्दे पर मुलाकात करेंगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

गुप्ता ने सचिवालय में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में भाजपा सांसद मनोज तिवारी और रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक अरविंदर सिंह लवली के साथ-साथ दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

सीएमओ के बयान के मुताबिक, गुप्ता को जानकारी दी गई कि ओ-जोन क्षेत्र में करीब 91 अनधिकृत कॉलोनियां और एक दर्जन पुराने गांव हैं तथा इन कॉलोनियों में लगभग 15 लाख लोग निवास करते हैं। ‘ओ-जोन’ से तात्पर्य दिल्ली में यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्रों सहित पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र से है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने इस मसले पर डीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने बन चुके निर्माण पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन अदालत ने चल रहे निर्माण पर सवाल खड़े किए हैं।

गुप्ता ने कहा कि चूंकि अदालत ने डीडीए को अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, इसलिए प्राधिकरण को उसके अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही जनप्रतिनिधियों के साथ खट्टर से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगी।

मुख्यमंत्री ने डीडीए के अधिकारियों को ओ-जोन क्षेत्र में लगाए गए बोर्डों के शब्दों को उच्च न्यायालय की टिप्पणियों के अनुरूप संशोधित करने के लिए भी कहा ताकि इन कॉलोनियों के निवासियों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक घबराहट का सामना न करना पड़े।

बैठक के दौरान यह मुद्दा उठाया गया कि इन कॉलोनियों और गांवों के निवासी प्रशासन द्वारा उच्च न्यायालय के आदेशानुसार ढहाए जाने की कार्रवाई से जुड़े बोर्डों के लगाए जाने के कारण आशंकित हैं।

उच्च न्यायालय के आदेशों और सरकारी अभिलेखों का अध्ययन करने के बाद जनप्रतिनिधियों ने निष्कर्ष निकाला है कि इन कॉलोनियों में पुराने निर्माण को कोई खतरा नहीं है।

बयान में कहा गया है कि आदेशों में विशेष रूप से केवल नवनिर्मित या निर्माणाधीन भवनों को ही ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया है।

बयान के मुताबिक, बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि इन कॉलोनियों में पहले से मौजूद निर्माण के खिलाफ कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस आशय की स्वीकृति उच्च न्यायालय ने डीडीए को भी दी है।

जनप्रतिनिधियों का यह भी दावा था कि इन कॉलोनियों में ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो लोगों को डरा रहे हैं लेकिन इसकी आड़ में अवैध निर्माण भी करवा रहे हैं। उनकी यह भी मांग थी कि यमुना के डूब क्षेत्र को अवैध निर्माण से बचाने के लिए ठोस उपाय किए जाएं।

बयान के मुताबिक, जनप्रतिनिधियों का यह भी मानना था कि ‘ओ-जोन’ में नए निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

भाषा नोमान

नोमान संतोष

संतोष

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