कॉजपा प्रदर्शन: दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए; वांगचुक ने शांतिपूर्ण आंदोलन की सराहना की
कॉजपा प्रदर्शन: दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए; वांगचुक ने शांतिपूर्ण आंदोलन की सराहना की
नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी उनके प्रदर्शन के समर्थकों से पुलिस पूछताछ कर रही है और प्रदर्शन स्थल पर उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। दीपके ने कहा कि यह आंदोलन अब दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है।
दीपके ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें अपने स्टॉल पर आमंत्रित करने वाले चाय विक्रेता अनिकेत पाटिल से पूछताछ की और प्रदर्शनकारियों को दी जा रही चाय के स्रोत के बारे में जानकारी लेने के लिए बाद में उनके घर तथा गोदाम पर गई।
इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दीपके ने सवाल किया कि क्या चाय बेचना अब अपराध बन गया है और कहा कि प्रदर्शनकारियों को भोजन व पानी उपलब्ध कराने वालों से भी इसी तरह पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने घोषणा की कि वह मंगलवार पूर्वाह्न 11.30 बजे पुलिसकर्मियों के लिए गुलाब और चाय लेकर आएंगे तथा उनसे देश के कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अपना कर्तव्य याद रखने की अपील की।
दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि रविवार देर रात प्रदर्शनकारियों को वांगचुक के अनशन के दौरान सचल शौचालय की सुविधा की मांग को लेकर प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर सार्वजनिक शौचालयों में पानी की आपूर्ति सहित बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
इस बीच, दूसरे दिन अनशन पर बैठे वांगचुक ने प्रदर्शन के आयोजन में छात्रों और स्वयंसेवकों के तरीके की सराहना की और इसे एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह से छात्र इस प्रदर्शन का संचालन कर रहे हैं, हर कोई अपना योगदान दे रहा है। यह एक अनोखा प्रदर्शन है जिसमें सभी लोग भागीदारी कर रहे हैं।’’
वांगचुक ने रोजाना बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के आने पर गर्व जताया और दिल्ली पुलिस के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
मैगसायसाय पुरस्कार से सम्मानित हो चुके वांगचुक ने कहा कि इस प्रदर्शन में कुछ भी देश-विरोधी नहीं है और इसमें हिस्सा लेने वाले केवल जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप सख्ती दिखाते रहेंगे तो आप खुद को ही नुकसान पहुंचाएंगे। लोग आप पर भरोसा खो रहे हैं और आपको अस्वीकार करेंगे। जब आप उनकी पीड़ा को समझेंगे, तभी लोग आपको स्वीकार करेंगे।’’
उन्होंने सरकार से मांग की कि उठाए जा रहे मुद्दों पर ध्यान दिया जाए, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है।
जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन में आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) से जुड़े छह छात्र मुख्य मंच से अलग एक मंच पर अपना अनशन जारी रखे हुए हैं। यह उनके अनशन का दूसरा दिन था।
इन छात्रों में नेहा (आईसा की अखिल भारतीय अध्यक्ष), दानिश (जेएनयूएसयू संयुक्त सचिव), मनीष (आईसा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष), दीपक (दिल्ली विश्वविद्यालय में आईसा के उपाध्यक्ष), ऋषिकेश (जेएनयू के बराक हॉस्टल अध्यक्ष) और अमीन (एयूडी छात्र परिषद के पूर्व सीसी सदस्य) शामिल हैं।
दिन में छात्रों के अभिभावक, प्रोफेसर, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और अन्य समर्थकों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी. राजा भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे और छात्रों व प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जतायी उनके साथ दिल्ली भाकपा प्रदेश राज्य सचिव दिनेश वार्ष्णेय और अन्य पार्टी नेता भी मौजूद थे।
राजा ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को अलग रखकर, मांगों का समर्थन करने वाले संगठन पार्टी के झंडों के बजाय केवल राष्ट्रीय ध्वज के साथ इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।
इससे पहले दिन में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव एम ए बेबी और वरिष्ठ नेता वृंदा करात जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन के प्रति एकजुटता जतायी। उन्होंने अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उनके साथ एसएफआई संयुक्त सचिव आइशी घोष सहित अन्य छात्र नेता भी मौजूद थे।
कॉजपा का यह प्रदर्शन 20 जून से जारी है और यह परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है। अभिजीत दीपके ने कहा है कि यह आंदोलन केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों और अन्य जवाबदेही मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों-जैसे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों को भी उठाया जाएगा।
भाषा अमित माधव
माधव

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