कांग्रेस ने चाबहार बंदरगाह को लेकर सरकार की आलोचना की

कांग्रेस ने चाबहार बंदरगाह को लेकर सरकार की आलोचना की

कांग्रेस ने चाबहार बंदरगाह को लेकर सरकार की आलोचना की
Modified Date: March 15, 2026 / 10:44 am IST
Published Date: March 15, 2026 10:44 am IST

नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को कहा कि चाबहार बंदरगाह अब भारत की प्राथमिकताओं में दिखाई नहीं दे रहा और यह ताजिकिस्तान के आयनी में वायुसेना अड्डा बंद होने के बाद देश की कूटनीति को लगा दूसरा ‘‘रणनीतिक झटका’’ है।

कांग्रेस के महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शासन में निरंतरता एक ऐसी जरूरी हकीकत है, जिसे ‘‘आत्ममुग्ध’’ प्रधानमंत्री कभी स्वीकार नहीं करते।

रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा कि 1990 के दशक के आखिर में भारत ने भारत-अफगानिस्तान-ईरान सहयोग रणनीति के तहत ईरान के चाबहार बंदरगाह में निवेश की संभावनाएं तलाशना शुरू किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार, तेहरान में 16वें गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद डॉ. मनमोहन सिंह ने इन योजनाओं को नया प्रोत्साहन दिया था और मई 2013 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुरुआत में चाबहार में 11 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर के निवेश को मंजूरी दी। यह याद रखना चाहिए कि यह फैसला उस समय लिया गया था, जब भारत अक्टूबर 2008 में हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को लागू करने के लिए बड़े कदम उठा रहा था।’’

उन्होंने कहा कि इसके बाद अक्टूबर 2014 में मोदी सरकार ने, जैसा कि वह हमेशा करती रही है, डॉ. सिंह की चाबहार पहल को नए तरीके से पेश कर उसे प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण का हिस्सा बताया।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘2026-27 के बजट में चाबहार के लिए कोई आवंटन नहीं किया गया। क्या इसका मतलब यह है कि भारत इससे बाहर हो गया है या फिर फिलहाल उसकी निवेश संबंधी प्रतिबद्धताएं पूरी हो चुकी हैं?’’

रमेश ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि चीन द्वारा निर्मित पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से करीब 170 किलोमीटर पश्चिम में स्थित चाबहार अब भारत की प्राथमिकताओं में नहीं दिख रहा। यह ताजिकिस्तान में दुशांबे के पास आयनी में भारत के वायुसेना अड्डे को बंद किए जाने के बाद भारत की मध्य एशियाई कूटनीति को लगा दूसरा रणनीतिक झटका है।’’

भारत ने अतीत से अलग रुख अपनाते हुए अपने केंद्रीय बजट में चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए कोई धन आवंटित नहीं किया है।

भाषा

सिम्मी देवेंद्र

देवेंद्र


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