बेंगलुरु में ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को पांच-पांच करोड़ रिश्वत की पेशकश की गई : सांसद उलाका
बेंगलुरु में ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को पांच-पांच करोड़ रिश्वत की पेशकश की गई : सांसद उलाका
भुवनेश्वर/ बेंगलुरु, 15 मार्च (भाषा) ओडिशा में राज्यसभा चुनाव से पहले ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कोरापुट से सांसद सप्तगिरी शंकर उलाका ने रविवार को दावा किया कि बेंगलुरु के एक होटल में रह रहे राज्य के पार्टी विधायकों को पांच-पांच करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की गई।
उलाका ने यह आरोप कांग्रेस विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश करने के आरोप में बेंगलुरु पुलिस द्वारा दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) की ओर से जारी एक वीडियो संदेश में लगाया।
उलाका ने दावा किया, ‘‘वे कांग्रेस विधायकों को पांच करोड़ रुपये प्रति विधायक देने की कोशिश कर रहे थे।’’
हालांकि, ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया।
भाजपा की ओडिशा इकाई के प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस का आरोप झूठा है। राज्यसभा चुनाव में कल होने वाली अपनी निश्चित हार को भांपते हुए वे ऐसे निराधार दावे कर रहे हैं। कांग्रेस को ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आदत है।’’
उलाका के मुताबिक, चार लोग बीरेंद्र प्रसाद, सुरेश, अजीत साहू और सिमांचल महाकुड उसी होटल में ठहरे थे जहां कांग्रेस विधायक रुके हुए हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘ये चारों ओडिशा के राउरकेला से आए थे और शनिवार रात होटल में रुके थे।’’
उलाका ने दावा किया, ‘‘उन्होंने विधायकों को पांच-पांच करोड़ रुपये देने की कोशिश की थी। उनके पास से ब्लैंक चेक बरामद हुए। कर्नाटक पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के दौरान उन्होंने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का नाम लिया।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘होटल का मालिक राय है। जांच के दौरान जायसवाल नाम के एक व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जो कथित तौर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के करीबी हैं।’’
कांग्रेस सांसद ने मामले की उचित जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि चारों व्यक्तियों ने कांग्रेस विधायकों को धमकी दी थी।
ओडिशा कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने बताया कि पार्टी के 14 विधायकों में से आठ को कथित तौर पर प्रलोभन के प्रयासों से बचाने के लिए बेंगलुरु ले जाया गया है, जबकि उनके सहित छह अन्य भुवनेश्वर में ही हैं।
इस बीच, ओपीसीसी की अनुशासनात्मक समिति ने मोहना विधायक दशरथी गोमांगो को राज्य की राजधानी से उनके ‘‘रहस्यमय’’ रूप से गायब होने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जबकि पार्टी के व्हिप में सभी विधायकों को राज्यसभा चुनाव के मतदान के दिन 16 मार्च तक भुवनेश्वर में रहने को कहा गया है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल

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