विमान में मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत

विमान में मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत

: , June 23, 2022 / 06:12 PM IST

कोच्चि, 23 जून (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को युवा कांग्रेस के उन दो कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी, जिन्होंने तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे पर उतरे विमान में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ नारेबाजी की थी। अदालत ने कहा कि दोनों आरोपियों को हिरासत में रखकर उनसे आगे पूछताछ किए जाने की जरूरत नहीं है।

न्यायमूर्ति विजू अब्राहम ने मामले के तीसरे आरोपी को भी अग्रिम जमानत दे दी और उसे 28 जून को पूछताछ के लिए जांच अधिकारी (आईओ) के सामने पेश होने और तफ्तीश में सहयोग करने का निर्देश दिया।

पहले दो आरोपी-फरसीन मजीद और आर के नवीन-जिन्हें 14 जून को गिरफ्तार किया गया था और जो अब तक जांच एजेंसी की हिरासत में थे, उन्हें अदालत ने इस शर्त पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया कि वे 50 हजार रुपये के मुचलके के साथ इतनी ही राशि के दो-दो जमानतदार पेश करेंगे।

जमानत के लिए उन पर लगाई गई अन्य शर्तों में कहा गया है कि जब भी आवश्यकता होगी वे आईओ के समक्ष पेश होंगे, जांच में पूरा सहयोग करेंगे, गवाहों को डराएंगे-धमकाएंगे नहीं और यदि उनके पास पासपोर्ट है तो उसे अधिकारियों के पास जमा कराएंगे।

तीसरे आरोपी-सुजीत नारायणन को भी अन्य दो आरोपियों पर लगाई गई शर्तों के अधीन अग्रिम जमानत दी गई, क्योंकि उच्च न्यायालय की राय थी कि उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता नहीं है।

अदालत ने आगे कहा कि अगर तीसरे आरोपी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाता है तो संबंधित अधिकार क्षेत्र की अदालत में पेश किया जाएगा और 50 हजार रुपये के मुचलके के साथ इतनी ही राशि के दो जमानतदारों को पेश करने पर जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा।

मजीद और नवीन को राहत देते हुए अदालत ने कहा कि हवाईअड्डा प्रबंधन द्वारा वलियाथुरा पुलिस थाने के थानाध्यक्ष को सौंपी गई प्रांरभिक रिपोर्ट में केवल यह कहा गया है कि उन्हें सूचित किया गया था कि उड़ान में तीन यात्रियों के बीच कथित तौर पर कहासुनी हुई थी।

उच्च न्यायालय ने कहा, “14 जून 2022 को हवाईअड्डा प्रबंधक द्वारा सौंपी गई एक अन्य रिपोर्ट में खुलासा किया गया था कि लैंडिंग के बाद सीट बेल्ट से जुड़ा संकेत बंद होने के बाद उक्त यात्री तुरंत अपनी-अपनी सीट से उठ गए और स्थानीय भाषा में नारे लगाते हुए तेजी से मुख्यमंत्री की तरफ बढ़ने लगे। यह देखकर मुख्यमंत्री के साथ यात्रा कर रहे यात्रियों में से एक ने हस्तक्षेप किया।”

न्यायमूर्ति अब्राहम ने दोनों आरोपियों की जमानता अर्जी को मंजूरी देते हुए कहा, “आरोपों की प्रकृति को देखते हुए मुझे लगता है कि याचिकाकर्ताओं (मजीद और नवीन) से हिरासत में और पूछताछ किए जाने की जरूरत नहीं है।”

वहीं, नारायणन की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति अब्राहम ने हवाईअड्डा प्रबंधक की रिपोर्ट का हवाला दिया और कहा कि मामले के अन्य दो आरोपियों को जहां गिरफ्तार किया गया, वहीं तीसरे आरोपी को गिरफ्तार करने का कोई प्रयास नहीं किया गया और वह किसी अन्य यात्री की तरह ही विमान से बाहर निकल गया।

उन्होंने कहा, “चूंकि, अभी तक इस बात का कोई संकेत नहीं है कि कथित घटना का मकसद कोई व्यक्तिगत दुश्मनी थी और वह विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा था, लिहाजा यह मानने का कोई कारण नहीं है कि याचिकाकर्ता (नारायणन) कथित अपराध को दोहराएगा।”

अभियोजन पक्ष ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए आरोप लगाया था कि 13 जून की शाम को जब कन्नूर से मुख्यमंत्री की उड़ान तिरुवनंतपुरम में उतरी तो उन्होंने चालक दल के निर्देशों की अवहेलना की, विजयन को धमकी दी, उनकी तरफ दौड़े और उनकी हत्या करने का प्रयास किया।

अभियोजन पक्ष ने यह भी दावा किया कि तीनों आरोपियों ने मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारी को चोट पहुंचाई और उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोका।

भाषा पारुल नरेश

नरेश

 

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