कोरोना वायरस: भारत में संक्रमण के 15,144 नए मामले सामने आए

कोरोना वायरस: भारत में संक्रमण के 15,144 नए मामले सामने आए

कोरोना वायरस: भारत में संक्रमण के 15,144 नए मामले सामने आए
Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: January 17, 2021 6:52 am IST

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 15,144 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,05,57,985 हो गई है, जिनमें से 1,01,96,885 लोगों के संक्रमणमुक्त हो जाने के कारण लोगों के स्वस्थ होने की दर 96.58 प्रतिशत हो गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में इस समय कोरोना वायरस से संक्रमित 2,08,826 लोगों का उपचार चल रहा है, जो संक्रमितों की कुल संख्या का 1.98 प्रतिशत है।

आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस से अब तक 1,05,57,985 लोग संक्रमित पाए गए हैं। पिछले 24 घंटे में 181 और लोगों की मौत हो जाने के बाद देश में संक्रमण के कारण अब तक मारे गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,52,274 हो गई है।

कोविड-19 के मरीजों की मृत्युदर 1.44 प्रतिशत है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में 16 जनवरी तक कुल 18,65,44,868 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई। उनमें से 7,79,377 नमूनों की जांच शनिवार को की गई।

भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख के पार चली गई थी।

वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे।

पिछले 24 घंटे में जिन 181 लोगों की मौत हुई है, उनमें से महाराष्ट्र में 52, केरल में 27, पश्चिम बंगाल में 15, उत्तर प्रदेश में 12, दिल्ली और तमिलनाडु में छह-छह लोगों की मौत हुई।

संक्रमण से अब तक 1,52,274 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से महाराष्ट्र में 50,388, तमिलनाडु में 12,257, कर्नाटक में 12,162, दिल्ली में 10,738, पश्चिम बंगाल में 10,041, उत्तर प्रदेश में 8,570, आंध्र प्रदेश में 7,139, पंजाब में 5,499 और गुजरात में 4363 लोगों की मौत हुई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं।

मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ उसके आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है।

भाषा सिम्मी मानसी

मानसी


लेखक के बारे में