माकपा ने वीणा विजयन को ईडी की ओर से समन भेजे जाने के मामले से दूरी बनाई

Ads

माकपा ने वीणा विजयन को ईडी की ओर से समन भेजे जाने के मामले से दूरी बनाई

  •  
  • Publish Date - June 9, 2026 / 05:38 PM IST,
    Updated On - June 9, 2026 / 05:38 PM IST

तिरुवनंतपुरम, नौ जून (भाषा) केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा को धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से समन भेजे जाने के बाद मंगलवार को राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने इस मामले से पार्टी को अलग बताते हुए कहा कि वीणा कानूनी प्रक्रिया के तहत इसका सामना करेंगी।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए।

उन्होंने नयी दिल्ली में पत्रकारों से कहा, “वीणा से जुड़े मामले की जांच तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर होनी चाहिए। जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाना चाहिए।”

माकपा के वरिष्ठ नेता पी.के. कृष्णदास ने कहा कि पार्टी का वीणा के मामले से कोई संबंध नहीं है, इसलिए इस पर आधिकारिक टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा, “वह कानूनी रूप से इस मामले का सामना करने में सक्षम हैं। वह स्वयं अपना पक्ष रखेंगी। इस पर माकपा को कोई राय देने की जरूरत नहीं है।”

पार्टी की वरिष्ठ नेता के.के. शैलजा ने भी कहा कि यह मामला वीणा से जुड़ा है, पार्टी से नहीं।

उन्होंने कहा, “समन भेजने दीजिए। वीणा जवाब देंगी और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करेंगी। इसका नेता प्रतिपक्ष या पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से कोई संबंध नहीं है। इसलिए माकपा को इसका जवाब देने की आवश्यकता नहीं है।”

माकपा नेताओं के इन बयानों को पार्टी द्वारा वीणा के मामले से दूरी बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि राजनीतिक विरोधी इस मामले को उनके पिता और पार्टी नेता पिनराई विजयन से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

यह प्रतिक्रिया उस आलोचना के बाद भी आई है जिसमें आरोप लगाया गया था कि हाल ही में वीणा के घर पर ईडी की छापेमारी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिंसक प्रदर्शन किया था।

राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने प्रतिक्रिया मांगे जाने पर पत्रकारों से कहा, “ईडी को स्वतंत्र रूप से जांच करने दीजिए।”

वहीं कांग्रेस विधायक मैथ्यु कुझालनदान ने दावा किया कि इस मामले में अभी और तथ्य सामने आने बाकी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाती है, तो पिनराई विजयन भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वीणा ने बिना कोई सेवा दिए धन प्राप्त किया।

मामले के शिकायतकर्ताओं में शामिल भाजपा नेता शोन जॉर्ज ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ करना जांच का स्वाभाविक कदम है।

उन्होंने कहा, “आरोपियों में एक पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी भी शामिल हैं। ईडी को सभी पहलुओं की जांच करके मामले को ठोस बनाना चाहिए।”

ईडी ने वीणा को 12 जून को कोच्चि में स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया है।

ईडी जांच कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) तथा वीणा की बंद हो चुकी कंपनी एग्जालॉजिक सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित धनशोधन मामले से संबंधित है।

आरोप है कि सीएमआरएल ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) परामर्श सेवाओं के नाम पर एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

एजेंसी के अनुसार, सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक शशिधरन कार्था द्वारा संचालित एक अन्य कंपनी ‘एम्पॉवर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ ने भी एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का ऋण दिया था, जबकि कंपनी समय पर ऋण चुकाने में विफल रही थी।

ईडी का दावा है कि सीएमआरएल के प्रबंधन और वीणा ने इस प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर ‘‘अपराध से अर्जित आय’’ हासिल की।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश

शीर्ष 5 समाचार