केलकर के केरल मुख्यमंत्री के सचिव का कार्यभार संभालने के बाद माकपा ने साधा निशाना

केलकर के केरल मुख्यमंत्री के सचिव का कार्यभार संभालने के बाद माकपा ने साधा निशाना

केलकर के केरल मुख्यमंत्री के सचिव का कार्यभार संभालने के बाद माकपा ने साधा निशाना
Modified Date: May 24, 2026 / 03:14 pm IST
Published Date: May 24, 2026 3:14 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 24 मई (भाषा) भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी रतन यू केलकर के रविवार को केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के सचिव के रूप में कार्यभार संभालने के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निर्वाचन अधिकारियों से संबंधित नियुक्तियों में ‘‘दोहरा मापदंड’’ अपनाने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने केलकर के कार्यभार संभालने की तस्वीरें जारी कीं।

सरकार द्वारा पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया गया था। केलकर की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।

खबरों में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री सतीशन ने अधिकारी को रविवार होने के बावजूद तुरंत पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री कार्यालय में एक महत्वपूर्ण पद पर अधिकारी की नियुक्ति को लेकर पूछे गए सवालों का सीधे जवाब देने से परहेज किया।

उन्होंने कहा कि यह मामला प्रशासनिक प्रकृति का है और ऐसे मामलों में निर्णय लेना सरकार का अधिकार है।

वेणुगोपाल ने त्रिशूर में पत्रकारों से कहा, ‘‘ऐसे मामलों पर मेरी कोई राय नहीं है। जो लोग सरकार में हैं, उन्हें निर्णय लेने दें।’’

इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माकपा के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा शासित राज्यों में इसी तरह की नियुक्तियों की अपनी पिछली आलोचना की तुलना में विपरीत रुख अपना रही है।

गोविंदन ने आरोप लगाया, ‘‘जब पश्चिम बंगाल में एक पूर्व निर्वाचन अधिकारी को एक महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसकी कड़ी आलोचना की थी। लेकिन जब केरल में ऐसा ही कदम उठाया जाता है, तो के.सी. वेणुगोपाल कहते हैं कि यह शासन में बैठे लोगों की जिम्मेदारी है। यह स्पष्ट रूप से दोहरा मापदंड है।’’

उन्होंने दावा किया कि हाल में हुए विधानसभा चुनाव के संचालन से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर केलकर को केरल में व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा था, जिसमें हजारों मतदाताओं को मतदान का अवसर देने से कथित तौर पर वंचित करना भी शामिल था।

जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या यह नियुक्ति किसी ‘‘समझौते’’ का हिस्सा है, तो गोविंदन ने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में सब कुछ सामने आ जाएगा’’।

भाषा सुरभि देवेंद्र

देवेंद्र


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