डीडीए ने दिल्ली में 240 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया
डीडीए ने दिल्ली में 240 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया
नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अप्रैल 2025 से दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में चलाए गए अभियानों के दौरान करीब 241.51 एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह जानकारी अनधिकृत निर्माण की समीक्षा बैठक में सामने आई, जिसकी अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने की। बैठक में उन्होंने दिल्ली में कहीं भी अतिक्रमण के खिलाफ ‘‘कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति’’ अपनाने के निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि उपराज्यपाल ने निर्देश दिए हैं कि भूखंडों और इमारतों की निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाए, ताकि किसी भी अनधिकृत कब्जे या निर्माण का समय रहते पता लगाया जा सके और तुरंत कार्रवाई की जा सके।
उपराज्यपाल ने गंभीर उल्लंघनों के मामलों में दोषी वास्तुकारों को पैनल से हटाने और उन्हें काली सूची में डालने सहित कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने डीडीए अधिकारियों से कहा कि असुरक्षित या जर्जर इमारतों की जानकारी तत्काल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को दी जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
अधिकारी ने कहा, ‘अप्रैल 2025 से अब तक करीब 241.51 एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इसके अलावा, विकास क्षेत्रों में 235.96 एकड़ भूमि को अवैध निर्माण से भी मुक्त कराया गया है।’
अधिकारी ने कहा, ‘डीडीए की भूमि की सुरक्षा के लिए भूमि प्रबंधन विभाग के तहत 14 उड़न दस्ते गठित किए गए हैं। इनके अलावा क्षेत्र सर्वेक्षण टीमें प्रतिदिन मौके पर निरीक्षण कर रही हैं, ताकि अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।’
जमीनी स्तर पर अतिक्रमण का शीघ्र पता लगाने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डीडीए, एमसीडी और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के बीच त्रिपक्षीय समझौते के तहत दिल्ली में ड्रोन सर्वेक्षण कराया जा रहा है।
अधिकारी ने कहा, ‘सर्वेक्षण के लिए चिह्नित 1,370 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से 1,122 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है।’
अधिकारी ने बताया कि भू-स्वामित्व वाली एजेंसी ने लगभग 21,773 एकड़ में फैले 3,700 खाली भूखंडों की भी पहचान की है। इन भूखंडों की ‘जियो-टैगिंग’ की जा रही है और समय-समय पर तस्वीरें लेकर उन पर अतिक्रमण की स्थिति की निगरानी की जा रही है।
उपराज्यपाल को अनधिकृत निर्माण के मुद्दे पर बताया गया कि डीडीए ने स्वीकृत भवन मानचित्रों के उल्लंघनों की पहचान के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया है।
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश

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