नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को गायिका और अभिनेत्री सपना चौधरी को उनके पति के खिलाफ ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम’ के तहत शुरू की गई कार्यवाही में अंतरिम संरक्षण प्रदान की। अदालत ने उनके पति को सुनवाई की अगली तारीख तक सपना से संपर्क करने या उनके पास जाने से रोक दिया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिंह, चौधरी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थीं जिसे उन्होंने अपनी वकील प्रीति सिंह के जरिए दायर किया था। इस याचिका में उन्होंने उनकी फिल्म के जल्द होने वाले प्रीमियर और अपनी निजी सुरक्षा व पेशेवर कामों में संभावित रुकावट की आशंका को देखते हुए अंतरिम राहत की मांग की थी।
अदालत ने एक आदेश में कहा, “प्रतिवादी (चौधरी के पति) को सुनवाई की अगली तारीख तक याचिकाकर्ता के पास किसी भी तरह से जाने से रोका जाता है। प्रतिवादी को सुनवाई की अगली तारीख तक याचिकाकर्ता से किसी भी तरह से संपर्क करने, उनके घर या काम की जगह पर जाने और घरेलू हिंसा का कोई भी कृत्य करने से रोका जाता है।”
चौधरी के वकील की दलीलों के अनुसार, अगर उन्हें तुरंत राहत नहीं मिली तो उन्हें अपूरणीय क्षति हो सकती है, उनकी गरिमा और सुरक्षा पर बुरा असर पड़ सकता है, और फिल्म के प्रीमियर में शामिल होने जैसे उनके पेशेवर कामों में रुकावट आ सकती है।
याचिका, हलफनामे और रिकॉर्ड पर रखे गए सबूतों – जिनमें कथित चोटों की तस्वीरें और इलेक्ट्रॉनिक सबूत शामिल हैं – पर विचार करने के बाद, अदालत ने शुरुआती चरण में ही समन जारी करने और अंतरिम राहत देने के लिए पर्याप्त आधार पाए।
अदालत ने सुरक्षा अधिकारी और संबंधित स्थानीय थानाध्यक्ष (एसएचओ) को यह भी निर्देश दिया कि वे अदालत के आदेशों का पालन सुनिश्चित करें और याचिकाकर्ता को ज़रूरी मदद दें।
अदालत ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 25 जुलाई तय की है।
भाषा
प्रशांत माधव
माधव