दिल्ली बच्ची दुष्कर्म-हत्याकांड: आरोपी कैब चालक की पुलिस हिरासत दो दिन और बढ़ी

दिल्ली बच्ची दुष्कर्म-हत्याकांड: आरोपी कैब चालक की पुलिस हिरासत दो दिन और बढ़ी

दिल्ली बच्ची दुष्कर्म-हत्याकांड: आरोपी कैब चालक की पुलिस हिरासत दो दिन और बढ़ी
Modified Date: June 26, 2026 / 01:07 am IST
Published Date: June 26, 2026 1:07 am IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने दक्षिण दिल्ली में 11 साल की बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या के आरोपी कैब चालक की पुलिस हिरासत की अवधि दो दिन के लिए और बढ़ा दी है। पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

जांचकर्ता अब इस बात का पता लगा रहे हैं कि वारदात से पहले और बाद में आरोपी किस-किस रास्ते से गुजरा और उस दौरान वह कहां-कहां रुका।

आरोपी बाशू कुमार सिंह (29) को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से दिल्ली पुलिस को पूछताछ के लिए उसकी अतिरिक्त हिरासत मिल गई। अधिकारियों ने बताया कि रिमांड मिलने के बाद पुलिस आरोपी को उन सभी जगहों पर ले गई, जहां उसने वारदात को कथित तौर पर अंजाम दिया था, ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, बढ़ी हुई रिमांड अवधि के दौरान पूरे अपराध के सटीक क्रम का पता लगाने की कोशिश की जाएगी, जिसमें छतरपुर पहुंचने के लिए सिंह द्वारा अपनाए गए रास्ते, बच्ची के अपहरण के बाद इस्तेमाल किए गए मार्ग और हत्या के बाद वह कहां-कहां गया, इन सब बातों की जांच की जाएगी।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिंह ने 22 जून को तड़के महरौली में छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास से बच्ची का उस वक्त अपहरण कर लिया था, जब वह फुटपाथ पर अपने परिवार के साथ सो रही थी।

पुलिस ने बताया कि पूरा परिवार एक कतार में सोया हुआ था, जिसमें बच्ची अपनी मां, चाची, भाई और पिता के बीच में लेटी थी। सिंह ने कथित तौर पर अपनी कार का पिछला दरवाजा खुला रखकर उनके पास गाड़ी पार्क की और पिछली खिड़की से बच्ची को देखता रहा। मौका पाकर उसने बच्ची को उठाया और गाड़ी में डाल लिया।

वारदात को अंजाम देने के बाद सिंह गुरुग्राम में अपने किराये के मकान में लौट आया, कपड़े बदले और कुछ ही घंटों के भीतर फिर से कैब चलाने के काम पर निकल गया।

बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला सिंह पिछले पांच वर्षों से दिल्ली में रह रहा है। उसके खिलाफ बिहार में हत्या के प्रयास के दो मामलों सहित कुल पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।

भाषा सुमित पारुल

पारुल


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