दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली कराने के आदेश के खिलाफ अदालत जाएंगे इसके सदस्य

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दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली कराने के आदेश के खिलाफ अदालत जाएंगे इसके सदस्य

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 09:52 PM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 09:52 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) दिल्ली जिमखाना क्लब को पांच जून तक परिसर खाली करने के केंद्र सरकार के आदेश को अदालत में चुनौती देने के लिए क्लब के सदस्यों ने रविवार को हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की।

दिल्ली जिमखाना के लंबे समय से सदस्य रहे ब्रिगेडियर हरिंदर पाल बेदी (सेवानिवृत्त) ने बताया कि सदस्यों की रविवार को बैठक हुई और उन्होंने सोमवार को याचिका दायर करने के लिए प्राधिकरण पत्र पर हस्ताक्षर किए।

बेदी ने कहा, ‘‘क्लब के कई सदस्यों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं और रात तक और सदस्यों के हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह क्लब दशकों से हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और यह आदेश हममें से कई लोगों के लिए हैरान करने वाला है।’’

करीब एक सदी से दिल्ली के प्रभावशाली और संभ्रांत लोगों के मेल-जोल का केंद्र रहे दिल्ली जिमखाना क्लब के बंद होने की आशंका पैदा हो गई है, क्योंकि केंद्र सरकार ने ‘‘रक्षा अवसंरचना की सुरक्षा’’ का हवाला देते हुए उससे 27.3 एकड़ का परिसर पांच जून तक वापस करने को कहा है।

क्लब ने बताया कि उसे 22 मई को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) से नोटिस मिला, जिसमें 2, सफदरजंग रोड स्थित 27.3 एकड़ भूमि के ‘‘पुनः प्रवेश और पुनः अधिग्रहण’’ की बात कही गई है। यह परिसर लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के निकट है।

साल 1972 से क्लब से जुड़े जनरल पी.के. सहगल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि सदस्यों ने सर्वसम्मति से बेदखली आदेश को कानूनी तौर पर चुनौती देने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली जिमखाना के सदस्य वर्षों से भारत के कई पूर्व राष्ट्रपति, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, नेता और नौकरशाह रहे हैं। यह दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित क्लबों में से एक है और इसे वापस लेने के अचानक फैसले ने सदस्यों के बीच इसके भविष्य और क्लब को कहां स्थानांतरित किया जाएगा, इसे लेकर चिंता बढ़ा दी है।’’

अपने आदेश में एलएंडडीओ ने कहा कि यह स्थल अत्यधिक संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में आता है तथा संस्थागत एवं प्रशासनिक जरूरतों के लिए इसकी तत्काल आवश्यकता है।

आदेश में कहा गया, ‘‘पुनः प्रवेश की कार्रवाई के बाद पूरी भूमि, उस पर स्थित सभी भवन, संरचनाएं, लॉन और अन्य फिटिंग सरकार के अधिकार में आ जाएंगी तथा पांच जून को इसका कब्जा लिया जाएगा।’’

तीन जुलाई 1913 को ‘इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब’ के रूप में स्थापित इस संस्था की शुरुआत औपनिवेशिक प्रशासनिक अधिकारियों और सैन्य अधिकारियों के लिए की गई थी।

वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद इसके नाम से ‘इम्पीरियल’ शब्द हटा दिया गया था, जबकि मौजूदा इमारतों का निर्माण 1930 के दशक में हुआ था।

भाषा रवि कांत रवि कांत दिलीप

दिलीप