दिल्ली: उच्च न्यायालय के आदेश पर एमसीडी ने आनंद विहार में अतिक्रमण हटाया

दिल्ली: उच्च न्यायालय के आदेश पर एमसीडी ने आनंद विहार में अतिक्रमण हटाया

दिल्ली: उच्च न्यायालय के आदेश पर एमसीडी ने आनंद विहार में अतिक्रमण हटाया
Modified Date: January 31, 2026 / 05:40 pm IST
Published Date: January 31, 2026 5:40 pm IST

नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने शनिवार को आनंद विहार इलाके में कथित तौर पर अतिक्रमण कर बनाये गये कई ढांचों को ध्वस्त कर दिया।

यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर की गई, जिसमें ‘मल्टी मॉडल ट्रांजिट प्वाइंट’ से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था।

उच्च न्यायालय ने 22 जनवरी को आनंद विहार बस अड्डे पर सभी अतिक्रमणों को हटाने का आदेश दिया, जिससे राजधानी के सबसे व्यस्त रहने वाले परिवहन डिपो में से एक पर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध अतिक्रमण को लेकर जारी लंबा विवाद समाप्त हो गया।

एमसीडी के शाहदरा दक्षिण जोन के उपायुक्त बादल कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने वाले कम से कम 300 विक्रेताओं को इलाके से हटाया गया।

उन्होंने बताया, “हम अगले कुछ दिनों तक इस क्षेत्र पर कड़ी नजर रखेंगे ताकि इस पर दोबारा अतिक्रमण न हो सके।”

कुमार ने बताया कि नगर निगम ने इस अभियान के लिए खुदाई करने वाली तीन मशीनें, एक ट्रक और कम से कम 50 कर्मचारी तैनात किए हैं।

बादल कुमार ने बताया, “केवल 105 मान्यता प्राप्त उन विक्रेताओं को ही अनुमति दी जाएगी, जिनके पास अस्थायी वेंडिंग प्रमाणपत्र हैं। अदालत के आदेश का नियमित रूप से पालन किया जाएगा, जिसमें सार्वजनिक स्थानों को अवरुद्ध किए बिना निर्धारित स्थानों पर ठेले या अस्थायी स्टॉल लगाए जाएंगे।”

अधिकारियों के अनुसार, यह मामला 2016 का है, जब ‘महिला हॉकर वेलफेयर एसोसिएशन’ ने आनंद विहार बस स्टैंड के पास काम कर रहे 114 विक्रेताओं के लिए सुरक्षा की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था।

इसके बाद उच्च न्यायालय ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए एमसीडी को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण होने तक सूचीबद्ध विक्रेताओं के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

भाषा जितेंद्र धीरज

धीरज


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