दिल्ली पुलिस ने नंदू गैंग के तीन शार्पशूटर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया
दिल्ली पुलिस ने नंदू गैंग के तीन शार्पशूटर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया
नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के तीन कथित शार्पशूटरों और हथियारों के दो संदिग्ध आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार कर रंगदारी से जुड़े एक सुनियोजित गोलीबारी कांड को विफल कर दिया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को जेल में बंद गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के निर्देश पर छावला इलाके में एक क्लीनिक पर गोलीबारी कर उसके मालिक को रंगदारी के लिए धमकाने का काम सौंपा गया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से तीन अर्द्ध-स्वचालित पिस्तौल, चार कारतूस और गिरोह के सदस्यों से संपर्क के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शार्पशूटरों की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी अभिषेक (23), साहिल (21) और हर्षदीप उर्फ पोलू (23) के रूप में हुई है। वहीं, कथित हथियार आपूर्तिकर्ताओं- करण उर्फ अंकुश (20) और अमन (23) हरियाणा के कैथल के निवासी हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘विशेष प्रकोष्ठ की टीमें दिल्ली-एनसीआर में रंगदारी और सुपारी लेकर हिंसक वारदातों में शामिल संगठित आपराधिक गिरोहों पर नजर रख रही थीं। इसी दौरान उन्हें इस सुनियोजित हमले की विशेष सूचना मिली थी।’’
पुलिस ने बताया कि एक महीने से अधिक समय तक तकनीकी और निगरानी के बाद टीम ने उन आरोपियों की पहचान की, जिन्होंने इस वर्ष फरवरी में लक्ष्य स्थल की रेकी की थी।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे नंदू के निर्देश पर क्लीनिक को निशाना बनाने के लिए फरवरी में दिल्ली आए थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने कैथल स्थित अपने सहयोगियों के माध्यम से हथियार, गोला-बारूद और मोटरसाइकिल की व्यवस्था की थी।
पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘हालांकि, क्लीनिक के पास लोगों की अधिक मौजूदगी के कारण आरोपी गोलीबारी की योजना को अंजाम नहीं दे सके और रेकी करने के बाद लौट गए।’’
पुलिस ने कहा कि पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर बाद में शेष चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गिरोह के रंगदारी नेटवर्क और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए स्थानीय भर्तियों एवं संचालकों के जरिये काम करने के तौर-तरीकों की भी जानकारी मिली है।
उन्होंने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और सहयोगियों की पहचान के लिए मामले की विस्तृत जांच जारी है।
भाषा रवि कांत रवि कांत सुरेश
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