नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) भाजपा सांसद मनोज तिवारी और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मंगलवार को कहा कि यमुना नदी के किनारे स्थित पारिस्थितिकी रूप संवेदनशील क्षेत्रों (ओ-जोन) में 92 कॉलोनियों और दर्जनों गांवों को शामिल करने वाली त्रुटि को सुधारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील यमुना नदी के तलछट और बाढ़ के मैदान वाले ‘ओ-जोन’ में निर्माण कार्य पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
दक्षिण दिल्ली के सांसद बिधूड़ी ने आश्वासन दिया कि ‘ओ-जोन’ में गलती से शामिल की गई इन कॉलोनियों और गांवों में किसी भी पुरानी बस्ती को हटाया नहीं जाएगा, हालांकि वहां किसी भी नये निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई, जिसमें बिधूड़ी, तिवारी और प्रवीण खंडेलवाल (भाजपा सांसद) सहित कई सांसद शामिल हुए।
तिवारी ने बताया कि गुप्ता ने अधिकारियों को त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है।
बिधूड़ी ने कहा कि अगस्त 2010 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 92 अनधिकृत कॉलोनियों और लगभग एक दर्जन पुराने गांवों को ‘ओ-जोन’ क्षेत्र के अंतर्गत लाया था। इन कॉलोनियों को 2008 में नियमित किया गया और एक अधिसूचना प्रकाशित की गई।
सितंबर 2013 में हुई एक बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने इन कॉलोनियों को ‘ओ-जोन’ से ‘एफ-जोन’ में डालने का प्रस्ताव पारित किया था। बिधूड़ी ने बताया कि शहरी कार्य मंत्रालय ने इसे मंजूरी दी थी।
हालांकि, एक गैर-सरकारी संगठन के हस्तक्षेप के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इस पर रोक लगा दी और तब से यह मुद्दा अनसुलझा ही रह गया है।
भाषा सुभाष माधव
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