रास में उठी जौनपुर में नीलांचल एक्सप्रेस के ठहराव और छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क विस्तार की मांग
रास में उठी जौनपुर में नीलांचल एक्सप्रेस के ठहराव और छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क विस्तार की मांग
नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को दो महिला सांसदों ने शून्यकाल के दौरान रेलवे संपर्क से जुड़े मुद्दे उठाते हुए उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में नीलांचल एक्सप्रेस के ठहराव और छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में रेल नेटवर्क विस्तार की मांग की।
उच्च सदन में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहीं भाजपा की सीमा द्विवेदी ने सरकार से पुरी और आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलने वाली नीलांचल एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12875-12876) का मुगरा-बशापुर रेलवे स्टेशन पर दो मिनट का ठहराव सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जौनपुर जिले के हजारों प्रवासी मजदूर पिछले 40 वर्षों से यह मांग कर रहे हैं।
सीमा द्विवेदी ने कहा कि जौनपुर के श्रमिक ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में कार्यरत हैं और उनके परिवार अब पांचवीं-छठी पीढ़ी तक वहां बस चुके हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों को वाराणसी या पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन पर उतरकर अपने गांव पहुंचने के लिए स्थानीय ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता है।
उन्होंने कहा, “नीलांचल एक्सप्रेस जौनपुर जिले से होकर गुजरती है, लेकिन दुर्भाग्य है कि इसका ठहराव जिले के किसी भी स्टेशन पर नहीं है।”
सीमा ने सरकार से नीलांचल एक्सप्रेस का मुगरा-बशापुर रेलवे स्टेशन पर दो मिनट का ठहराव सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
छत्तीसगढ़ से कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम ने पेंड्रा रोड, अमरकंटक, डिंडोरी, मंडला, घनसौर, लखनादौन, गोटेगांव और श्रीधाम को जोड़ने वाली नयी रेल लाइन को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश में क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
फूलो देवी नेताम ने बिलासपुर को सीटीसीई योजना 2030 में शामिल करने, रायपुर-सिकंदराबाद और नागपुर-मुंबई मार्गों का विस्तार बिलासपुर तक करने तथा कोरबा-बीकानेर एक्सप्रेस और कोरबा-नयी दिल्ली रेल सेवा जल्द शुरू करने की भी मांग की।
उन्होंने प्रस्तावित रेल लाइन को आईटीआरसी जंक्शन से जोड़ने की मांग भी की, ताकि दिल्ली और मुंबई की तर्ज पर बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया जा सके।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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