सीबीएसई भुगतान प्रणाली में सुधार के लिए धर्मेंद्र प्रधान ने वित्त मंत्री से मांगा सहयोग
सीबीएसई भुगतान प्रणाली में सुधार के लिए धर्मेंद्र प्रधान ने वित्त मंत्री से मांगा सहयोग
नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बातचीत कर सीबीएसई की भुगतान गेटवे प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए उनके मंत्रालय का सहयोग मांगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह घटनाक्रम तब हुआ जब छात्रों और अभिभावकों ने जारी सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान लेनदेन विफल होने, कई बार शुल्क कटौती होने और सीबीएसई के परिणामोत्तर सेवा पोर्टल तक पहुंचने में कठिनाइयों की शिकायत की।
शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक- भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और इंडियन बैंक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को उसकी भुगतान गेटवे संरचना और परीक्षा परिणामोत्तर पोर्टल के साथ आवश्यक एकीकरण को मजबूत करने में सहयोग करेंगे।
बयान में कहा गया, ‘‘ये बैंक सीबीएसई को मजबूत भुगतान प्रोटोकॉल लागू करने में सक्षम बनाएंगे ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके, भुगतान संबंधी गड़बड़ियों का समाधान किया जा सके और यदि कोई अतिरिक्त भुगतान हुआ हो तो स्वत: धन वापसी की जा सके।’’
बयान के अनुसार, प्रधान ने सीबीएसई को उसकी भुगतान गेटवे प्रणाली में ‘‘पूर्ण बदलाव’’ करने का निर्देश दिया है।
इसमें कहा गया, ‘‘वित्त मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ समन्वित प्रयासों से निर्बाध डिजिटल लेनदेन, भुगतान गेटवे की बेहतर स्थिरता और सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन तथा संबंधित सेवाओं का लाभ लेने वाले छात्रों के लिए सुगम अनुभव सुनिश्चित होने की उम्मीद है।’’
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि प्रधान ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-मद्रास और आईआईटी-कानपुर के प्रोफेसरों तथा तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों को भी तैनात करने का निर्देश दिया है, ताकि इस वर्ष की पुनर्मूल्यांकन सेवाओं के शुरू होने के बाद सामने आई सभी तकनीकी समस्याओं की जांच की जा सके और सीबीएसई को त्रुटिरहित प्रक्रिया सुनिश्चित करने में सहायता मिल सके।
बयान में कहा गया, ‘‘विशेषज्ञों की टीम लक्षित तकनीकी सुधार लागू करेगी और विशेष रूप से पोर्टल की स्थिरता तथा सर्वर के प्रदर्शन की जांच करेगी।’’
इसमें कहा गया, ‘‘टीम समग्र सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अवसंरचना की भी समीक्षा करेगी और यह सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने में मदद करेगी कि लॉगिन प्रमाणीकरण, उपयोगकर्ता पहुंच प्रणाली और भुगतान गेटवे सही ढंग से काम कर रहे हों।’’
बयान के अनुसार, प्रधान ने एक बार फिर कहा कि ‘‘छात्रों के हित सर्वोपरि हैं’’ और सीबीएसई को ‘‘पारदर्शी, प्रभावी एवं छात्र हितैषी प्रणाली’’ सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर सभी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
नेत्रपाल

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