धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी: सीजेपी संस्थापक

धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी: सीजेपी संस्थापक

धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी: सीजेपी संस्थापक
Modified Date: June 7, 2026 / 07:03 pm IST
Published Date: June 7, 2026 7:03 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, सात जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि परीक्षाओं संबंधी गड़बड़ियों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जिम्मेदारी है।

दीपके ने सीजेपी द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किए जाने के एक दिन बाद यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सवाल पूछने की जरूरत पर जोर दिया। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 206 के प्रश्नपत्र लीक होने और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली में गड़बड़ियों के मद्देनजर प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था तभी ठीक होगी, जब युवा अपनी आवाज उठाएंगे।

दीपके ने कहा, ‘‘पांच साल में एक बार वोट देना ही राजनीति नहीं है। लोगों को उन लोगों से सवाल पूछने चाहिए, जिन्हें उन्होंने वोट दिया है।’’

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के बारे में क्यों नहीं बोला, दीपके ने कहा, ‘‘अगर (परीक्षाओं से जुड़ी गड़बड़ियों) के लिए जवाबदेही तय नहीं हो रही है तो धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जिम्मेदारी है।’’

दीपके ने सवाल किया कि अगर वह रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवा सकते हैं तो क्या प्रश्नपत्र लीक नहीं रोक सकते।

उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन ने दिखा दिया कि ‘जेन जेड’ भयभीत नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं को गलत चीजों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

दीपके ने दावा किया कि देश का युवा ‘‘बर्बाद’’ हो रहा है क्योंकि न तो उसे रोजगार मिल रहा है और न ही उसकी परीक्षाएं सही तरीके से आयोजित कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान के इस्तीफा देने तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘सवाल नहीं पूछे जाते इसलिए प्रश्नपत्र लीक होते रहते हैं।’’

दीपके ने युवाओं से मिल रहे समर्थन पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनके माता-पिता उनके लिए चिंतित हैं लेकिन उन्होंने उनसे कहा है कि अब वह अकेले नहीं हैं।

दीपके ने कहा कि भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करना अभी जल्दबाजी होगी क्योंकि सीजेपी का आंदोलन अभी केवल 15 दिन पुराना है।

भाषा

सिम्मी

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