चेन्नई, 24 मई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की युवा शाखा ने कांग्रेस पर तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सरकार में शामिल होकर पार्टी के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और दावा किया कि कांग्रेस अपने नए सहयोगी के प्रति भी वफादार नहीं रहेगी।
पार्टी की युवा शाखा ने कानून-व्यवस्था की स्थिति, विशेषकर राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की भी कड़ी आलोचना की।
पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने पार्टी की युवा शाखा के सदस्यों से इतिहास का एक नया अध्याय लिखने का आह्वान किया और कहा कि वही द्रमुक का भविष्य हैं।
उन्होंने युवा शाखा के सचिव उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में शनिवार को आयोजित पार्टी की युवा शाखा की बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आइए अपनी योजना और उसके क्रियान्वयन को बेहतर बनाएं। रचनात्मक राजनीतिक चर्चा करें। आइए एक नया इतिहास रचें।’’
उदयनिधि विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।
बैठक में पारित एक प्रस्ताव में कांग्रेस की निंदा करते हुए आरोप लगाया गया कि पार्टी ने द्रमुक से संबंध तोड़कर और चुनाव के बाद तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ समझौता करके द्रमुक को कथित तौर पर ‘‘धोखा’’ दिया है। प्रस्ताव में कहा गया कि कांग्रेस को द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन में 2026 के विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले की ही तरह लाभ हुआ है।
इसमें कहा गया कि हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में द्रमुक सदस्यों की मेहनत के कारण कांग्रेस ने पांच सीट जीतीं लेकिन इसके बावजूद, पार्टी ने द्रमुक को धन्यवाद दिए बिना ही रातोंरात पाला बदल लिया।
प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘सत्ता की लालसा ने सोचने-समझने की उनकी क्षमता को इस हद तक प्रभावित कर दिया है कि पार्टी बुनियादी राजनीतिक शिष्टाचार का भी पालन नहीं कर सकी। दूसरों की मेहनत का लाभ उठाना और आगे बढ़ना कांग्रेस के लिए कोई नयी बात नहीं है। आज जो विश्वासघात उन्होंने किया है वही विश्वासघात वे कल अपने नए सहयोगी के साथ करेंगे, जिसने उन्हें सरकार में जगह दी है।’’
प्रस्ताव में कहा गया है कि द्रमुक के समर्थन से पांच सीट जीतने के बावजूद कांग्रेस सरकार में शामिल होकर इतिहास रचने का दावा कर रही है। प्रस्ताव में कांग्रेस पार्टी के ‘‘अनैतिक’’ रवैये की निंदा करते हुए कहा गया है कि पार्टी यह समझने में विफल रही है कि यह जीत उन्होंने अपने दम पर हासिल नहीं की है।
पारित किए गए नौ प्रस्तावों में से एक अन्य प्रस्ताव में तमिलनाडु में टीवीके के सत्ता संभालने के बाद से राज्य में ‘‘कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति’’ को लेकर सरकार की आलोचना की गई है। प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘हत्या, लूट और यौन उत्पीड़न जैसे अपराध हर जगह बेतहाशा बढ़ गए हैं। नयी सरकार के कार्यभार संभालने के 13 दिनों में 30 से अधिक हत्याएं, लूट और यौन उत्पीड़न की घटनाएं हुई हैं।’’
इससे पहले, द्रमुक पदाधिकारियों ने कांग्रेस द्वारा पाला बदलने की निंदा करते हुए नारे लगाए।
भाषा सुरभि सिम्मी
सिम्मी