डीएमआरसी ने विदेशी मेट्रो परियोजनाओं को सेवा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय शाखा का गठन किया

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डीएमआरसी ने विदेशी मेट्रो परियोजनाओं को सेवा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय शाखा का गठन किया

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 08:26 PM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 08:26 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने राष्ट्रीय राजधानी में पुरानी हो चुकी अवसंरचना के आधुनिकीकरण के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाने के उद्देश्य से एक समर्पित विदेशी शाखा गठित की है ताकि दूसरे देशों की परियोजनाओं को सेवा दी जा सके। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने रविवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इजराइल, मिस्र और केन्या सहित कई देशों ने मेट्रो परियोजनाओं में संभावित सहयोग के लिए डीएमआरसी से संपर्क किया है।

कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि डीएमआरसी वर्तमान में ढाका में मेट्रो परियोजनाओं से जुड़ी हुई है, जहां वह परामर्श सहायता प्रदान कर रही है, परियोजना निष्पादन में सहायता कर रही है और संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) में मदद कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल हम ढाका से जुड़े हुए हैं। हम वहां सलाहकार के तौर पर काम कर रहे हैं और परियोजना को क्रियान्वित करने में भी उनकी मदद कर रहे हैं। संचालन और रखरखाव में भी हम उनका सहयोग कर रहे हैं।’’

कुमार ने कहा कि इजराइल और मिस्र जैसे देशों ने अतीत में मेट्रो सहयोग की संभावनाओं को लेकर डीएमआरसी से संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि केन्या सहित कुछ अफ्रीकी देशों ने भी निगम के साथ जुड़ने में रुचि दिखाई थी, हालांकि बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है।

उन्होंने कहा कि अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन को मजबूत करने के लिए डीएमआरसी ने दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (डीएमआईएल) नाम से एक अलग कंपनी बनाई है, जो विदेशों में परियोजनाएं हासिल करने पर केंद्रित है।

कुमार ने कहा, ‘‘हमने दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड नाम से एक नई कंपनी बनाई है और अब हम विदेशों में कुछ अनुबंध हासिल करने के लिए बहुत सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं।’’

डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक ने कहा कि दिल्ली के बाहर की परियोजनाओं से प्राप्त राजस्व से निगम को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में नवीनीकरण और आधुनिकीकरण का काम करने में मदद मिलेगी, जिसके कुछ हिस्से अब दो दशक से अधिक पुराने हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे स्टेशन पुराने हो गए हैं। 2002 में परिचालन शुरू होने के बाद से दो दशक से अधिक समय बीत चुका है, इसलिए इनमें कुछ नवीनीकरण की आवश्यकता है। इसके लिए हमें धन की आवश्यकता है। इसलिए हमें दिल्ली से टिकटों के अलावा अन्य अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करना होगा।’’

कुमार के मुताबिक, डीएमआरसी दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ जुड़ने की योजना बना रही है और शहरी गतिशीलता परियोजनाओं में अपने वैश्विक अनुभव को मजबूत करने के लिए विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावना तलाश रही है।

कुमार ने कहा कि चालक रहित मेट्रो प्रणालियों के संचालन में डीएमआरसी की विशेषज्ञता विदेशी परियोजनाओं को आकर्षित करने में एक प्रमुख ताकत बन सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उन सबसे बड़े मेट्रो प्रणालियों में से एक हैं जिनके पास यह चालक रहित ट्रेन चलाने का अनुभव है। हमारे नेटवर्क का 90 किलोमीटर से अधिक हिस्से पर चालक रहित मेट्रो ट्रेन का परिचालन होता है।’’

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल