दुबे मुठभेड़: न्यायालय ने सुनवाई पूरी की, उप्र सरकार को सिफारिशों के अनुरूप कदम उठाने के लिए कहा |

दुबे मुठभेड़: न्यायालय ने सुनवाई पूरी की, उप्र सरकार को सिफारिशों के अनुरूप कदम उठाने के लिए कहा

दुबे मुठभेड़: न्यायालय ने सुनवाई पूरी की, उप्र सरकार को सिफारिशों के अनुरूप कदम उठाने के लिए कहा

: , July 22, 2022 / 03:06 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने गैंगस्टर विकास दुबे और अन्य लोगों की मुठभेड़ में हुई मौत की जांच के लिए फिर से एक आयोग गठित करने समेत राहत का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई पूरी कर ली। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को पैनल की सिफारिशों के अनुसार कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी एवं न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि शीर्ष अदालत के न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) बी एस चौहान की अगुवाई वाले तीन सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और उसकी वेबसाइट पर अपलोड किया जाए।

न्यायमूर्ति चौहान के पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जुलाई, 2020 में कानपुर में बिकरू कांड के बाद मुठभेड़ में गैंगस्टर दुबे और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की मौत संबंधी पुलिस के संस्करण को लेकर कोई संदेह नहीं है, क्योंकि आम जन या मीडिया में से किसी भी व्यक्ति ने पुलिस के दावे का विरोध नहीं किया और न ही इसे नकारने वाला कोई सबूत दाखिल किया गया।

वकील घनश्याम उपाध्याय ने याचिका दायर करके दुबे और अन्य संबंधी मुठभेड़ की जांच के लिए जांच आयोग का पुनर्गठन किए जाने का अनुरोध किया था।

शीर्ष अदालत ने 19 अगस्त, 2020 को न्यायिक आयोग को रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज कर दी थी।

कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र के बिकरू गांव में तीन जुलाई,2020 की रात आठ पुलिसकर्मियों की उस समय मौत हो गयी थी, जब वे विकास दुबे को गिरफ्तार करने जा रहे थे और उन पर हमला कर दिया गया था।

पुलिस ने कहा था कि दुबे की 10 जुलाई, 2020 की सुबह पुलिस मुठभेड़ में उस समय मौत हो गई थी, जब उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रहा पुलिस का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उसने घटनास्थल से भागने की कोशिश की थी।

भाषा

सिम्मी संतोष

संतोष

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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