डूटा ने डीयू से शिक्षकों की गर्मियों की छुट्टियों का अधिकार सुरक्षित रखने की अपील की

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डूटा ने डीयू से शिक्षकों की गर्मियों की छुट्टियों का अधिकार सुरक्षित रखने की अपील की

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 08:19 PM IST,
    Updated On - June 9, 2026 / 08:19 PM IST

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान परीक्षा निरीक्षक ड्यूटी स्वैच्छिक रखी जाए।

संघ ने आरोप लगाया कि कई कॉलेजों ने शिक्षकों के लिए इस तरह की ड्यूटी को अनिवार्य बना दिया है।

डूटा का कहना है कि रामजस कॉलेज समेत कुछ संस्थान मौजूदा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शिक्षकों को परीक्षा ड्यूटी सौंप रहे हैं।

उसने कहा कि इस अवधि में शिक्षक अवकाश पर होते हैं और उन्हें परीक्षा संबंधी कार्य करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।

डूटा के प्रतिनिधियों ने कुलपति योगेश सिंह से अपील की कि वह कॉलेजों को निर्देश देकर शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश के अधिकार की रक्षा करें और अवकाश अवधि के दौरान परीक्षा ड्यूटी को वैकल्पिक बनाए रखें।

डूटा सचिव बिमलेंदु तीर्थंकर, अकादमिक परिषद के सदस्य पवन बॉबी, पूर्व कार्यकारी परिषद सदस्य राजेश झा और पूर्व कर्मचारी संगठन सचिव विशाल पांडेय के प्रतिनिधिमंडल ने रामजस कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया।

पांडेय ने विभिन्न शिक्षकों द्वारा हस्ताक्षरित एक ज्ञापन भी डूटा नेतृत्व को सौंपा।

कुलपति को संबोधित ज्ञापन में शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के 2025-26 शैक्षणिक कैलेंडर का हवाला दिया, जिसके अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश एक जून से 20 जुलाई तक निर्धारित है।

उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान परीक्षा ड्यूटी स्वैच्छिक रहनी चाहिए, क्योंकि विश्वविद्यालय के नियमों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) विनियम, 2018 के तहत शिक्षकों को अवकाश का अधिकार प्राप्त है।

ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षक अवकाश अवधि का उपयोग शोध कार्य और आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए अध्ययन सामग्री तैयार करने में करते हैं।

इसमें यह भी कहा गया है कि शिक्षकों ने हमेशा समर्पण के साथ परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है, जिससे विश्वविद्यालय को समय पर परिणाम घोषित करने और परीक्षाओं के सुचारू संचालन में मदद मिली है।

हालांकि, शिक्षक संगठन ने आरोप लगाया कि कई कॉलेजों ने जून के दौरान परीक्षा संबंधी ड्यूटी को अनिवार्य बना दिया है, जिससे शिक्षकों के बीच चिंता बढ़ गई है।

भाषा

राखी राजकुमार

राजकुमार

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